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PRAYAGRAJ: प्रयागराज में आयोजित कुंभ मेले की सुरक्षा को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है. गौरतलब है कि कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं व विदेशी सैलानियों की सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए है. सुरक्षा के लिहाज से कुंभ मेला पुलिस द्वारा हार्स पावर की भी मदद ली जा रही है. इनका नाम सागर, मयंक, उदय, अलबेला व जीना है. ये मेले में आने वाले लाखों करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा में मुस्तैद रहेंगे.

घोड़ों के हैं अलग-अलग नाम
कुंभ की सुरक्षा की जिम्मेदारी इस बार मयंक, सागर, उदाल, अलबेला और जीना के अलावा मास्टर, राजा, चंपक, हीरा, चेतन, राबड़ी, डान, शेरू, गौरव, प्रिंस, अनुपम, तेज, निराला, पुरवा, अर्जुन के कंधों पर भी होगी. ये केवल श्रद्धालुओं की सुरक्षा नहीं करेंगे, बल्कि कुंभ में आपराधिक गतिविधियों को भी रोकेंगे. ये नाम कुंभ पुलिस की ओर से तैनात घोड़ों को दिए गए हैं. ये घोड़े किसी भी परिस्थिति से लोहा लेने में सक्षम हैं.

14 हजार होता है खर्च
मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा में मुस्तैद हर घोड़े के खान पान पर प्रति माह चौदह हजार रुपए खर्च होता है. मेले में कुल 101 घोड़ों को सुरक्षा में लगाया गया है. परेड मैदान के समीप बने घुड़सवार पुलिस लाइंस परिसर में घोड़ों की देख रेख के लिए कुल 31 फोर्थ क्लास के कर्मचारियों की तैनाती की गई है. इनका काम सिर्फ घोड़ों की देख भाल ही नहीं बल्कि इनके खान पान की व्यवस्था करना भी है. रोज घोड़ों की सुबह शाम मालिश की जाती है. सभी 101 घोड़ों के अलग अलग नाम रखे गए हैं.

मेले में कुल 101 घोड़ों को सुरक्षा के लिए लगाया गया है. इनके नाम भी अलग अलग पहचान के लिए रखे गए है. जैसे मयंक, उदय, मास्टर, राबड़ी, डान है. इनके खान पान व देखभाल में चौदह हजार का खर्च होता है.

खजान सिंह सोलंकी, आरआई, घुड़सवार लाइन