पिछले चार दिनों से बरेली, नोएडा सहित कई स्थानों पर टीम ने किया सर्च

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BAREILLY: शहर प्रमुख उद्यमी घनश्याम खंडेलवाल और दिलीप खंडेलवाल के पास बोगस कागजात पर 335 करोड़ की बेनामी सपत्ति मिली. छापामार कार्रवाई पूरी करने के बाद प्रधान आयकर निदेशक अमरेंद्र कुमार ने संडे को पत्रकारवार्ता में दी. उन्होंने बताया कि दिलीप खंडेलवाल ने 35 करोड़ रुपए बेनामी सपत्ति छिपाने की गलती को स्वीकार कर लिया. साथ ही, उन्होंने कहा कि वह इसका टैक्स चुकता कर देंगे, लेकिन उनके बड़े भाई घनश्याम खंडेलवाल 300 करोड़ के लेनदेन का कोई ठोस सुबूत नहीं दे पा रहे हैं, न ही बेनामी सपत्ति मान रहे हैं. ऐसे में, जांच के बाद ही इसे कालाधन कहना उचित होगा.

टीम ने सीज किए दस्तावेज

आयकर टीम ने थर्सडे को उद्यमी बंधुओं के 29 ठिकानों पर 250 अधिकारियों ने रेड किया था. इस दौरान टीम को 12 किलो सोना और 2 किलो डायमंड का खजाना हाथ लगा था. बाद में पता चला कि यह खजाना सफेद धन है, जिसका वह टैक्स देते हैं. इसके अलावा 35 लैट जिनकी कीमत एक अरब से अधिक आंकी गई, उनके बोगस दस्तावेज मिले थे, जिसकी जांच की जा रही है.

बताया दूसरा नीरव मोदी

आयकर निदेशक जांच अमरेंद्र कुमार ने बताया कि घनश्याम खंडेलवाल 450 करोड़ सीसी अकाउंट की क्रेडिट है. उन्होंने 530 करोड़ का लोन लिया है. के्रडिट के सापेक्ष जो स्टाक मिला है, उसमें 300 करोड़ का डिफरेंस मिला है. स्टाक में यह माल नहीं मिला है. ऐसे में निश्चिततौर पर सेल हुआ है. फिर 300 करोड़ की सेल पर जीएसटी चोरी हुई है. इनकम टैक्स को भी बताना चाहिए. ट्रांजेक्शन को एक्सप्लेन करना घनश्याम खंडेलवाल की जिमेदारी है. मान लें कि लोन लेने के लिए उन्होंने बोगस स्टेटमेंट सब्मिट किया, तो यह अपराध है.आपकी कैपेसिटी 530 करोड़ की नहीं थी, तो पब्लिक का पैसा लेकर दुरुपयोग नहीं करना चाहिए था. बाद में यही होता कि लोन नहीं भर पाते तो नीरव मोदी की तरह भाग जाते.

आयकर विभाग के दावे गलत, सारी संपत्ति जायज : घनश्याम

प्रधान आयकर निदेशक अमरेंद्र कुमार भले ही 335 करोड़ की बेनामी संपत्ति के दस्तावेज मिलने का दावा कर रहे हैं. लेकिन बीएल एग्रो के मालिक घनश्याम खंडेलवाल भी खुले तौर पर चुनौती देते हुए कह रहे हैं कि उन्होंने कोई कर चोरी नहीं की है और न ही कोई बेनामी संपत्ति है. आयकर की टीम सिर्फ हवा हवाई दावा कर रही है. हमने जांच अाियान में आयकर की टीम का पूरा सहयोग किया है.

व्यापारी मुयमंत्री से करेंगे मुलाकात

आयकर की टीम अक्सर व्यापारियों का उत्पीड़न कर चोरी को लेकर करती रहती है. अब इस मामले को लेकर मुयमंत्री से जल्द व्यापारी मुलाकात करेंगे. औद्योगिक संगठन के राष्ट्रीय सचिव सुरेश सुंदरानी ने कहा इस रेड से उद्योगपतियों और व्यापारियों को चेतते हुए अपनी एकता को अब मजबूत करना चाहिए. उन्होंने कहा कि जब तक व्यापारी एकजुट नहीं होंगे तब तक व्यापारियों का उत्पीड़न होता रहेगा.