कानपुर। भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का तीसरा टेस्ट टीम इंडिया के नाम रहा। विराट कोहली की अगुआई में भारत ने यह मैच 203 रन से जीत लिया। इंग्लिश जमीं पर रनों के लिहाज से यह भारत की दूसरी सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले साल 1986 में कपिल देव की अगुआई में भारत ने इंग्लैंड को उन्हीं की धरती पर 279 रनों से मात दी थी। इस जीत को मिले 36 साल हो गए उस वक्त विराट कोहली का जन्म भी नहीं हुआ था मगर अब उसी लिस्ट में कोहली ने अपना नाम हासिल कर लिया। इंग्लैंड को उन्हीं के घर पर सबसे बड़ी हार देने वाले कपिल देव के बाद वह दूसरे भारतीय कप्तान हो गए।

रनों के आधार पर सबसे बड़ी जीत
ईएसपीएन क्रिकइन्फो के डेटा के मुताबिक, साल 1986 में कपिल देव की कप्तानी में टीम इंडिया तीन टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने इंग्लैंड गई थी। उस समय इंग्लिश टीम में ग्राहम गूच, एलन लैंब और माइक गेटिंग जैसे धुरंधर थे। इसके बावजूद कपिल एंड टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। लॉर्ड्स में खेला गया पहला टेस्ट मैच भारत ने 5 विकेट से जीता, फिर लीड्स में दूसरे टेस्ट में मेजबान इंग्लैंड को 279 रन से मात दी। तीन मैचों की इस सीरीज में भारत 2-0 की अजेय बढ़त बना चुका था, मगर आखिरी मैच भी ड्रा कराकर कपिल देव ने अंग्रेजों का पूरी तरह से सफाया कर दिया था। ऐसा बहुत कम होता है कि इंग्लैंड अपने ही घर में एक भी मैच न जीत पाए। मगर भारत की इस ऐतिहासिक जीत का श्रेय कपिल देव को जाता है।

पारी के आधार पर सबसे बड़ी जीत

पारी के आधार पर देखा जाए तो इंग्लैंड में भारत को सबसे बड़ी जीत दिलाने का श्रेय पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को दिया जाता है। साल 2002 में टीम इंडिया गांगुली की अगुआई में चार टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने इंग्लैंड गई थी तब तीसरा टेस्ट लीड्स में खेला गया था। भारत ने यह मैच पारी और 46 रनों से जीता था। टेस्ट क्रिकेट इतिहास में इंग्लैंड में भारत की यह सबसे बड़ी जीत है। इसमें भारत ने पहली पारी में 628 रन बनाए थे जिसके जवाब में मेजबान इंग्लैंड पहली पारी में 273 रन और दूसरी पारी में सिर्फ 309 रन बनाए थे। इस मैच में जीत के हीरो राहुल द्रविड (148), सचिन तेंदुलकर (193) और सौरव गांगुली (128) रहे थे जिन्होंने शानदार पारी खेल भारत को ऐतिहासिक जीत दर्ज कराई।

विकेट के आधार पर सबसे बड़ी जीत

विकेटों के आधार पर भारत की सबसे बड़ी जीत साल 2007 में मिली थी, तब टीम इंडिया की कमान राहुल द्रविड़ के हाथों में थी। भारत तीन टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने इंग्लैंड गया था। विश्व क्रिकेट में 'द वॉल' नाम से मशहूर राहुल द्रविड़ को उस वक्त कप्तानी का ज्यादा अनुभव भी नहीं था, इसके बावजूद उन्होंने तीन मैचों की यह सीरीज 1-0 से जीतकर इतिहास रच दिया। भारत ने सीरीज के पहले और तीसरे मैच को ड्रा कराया तो वहीं दूसरे मैच में 7 विकेट से जीत दर्ज कर सीरीज अपने नाम की। इस जीत के हीरो भारत के पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान थे जिन्होंने मैच में कुल 9 विकेट लेकर इंग्लिश बल्लेबाजों को घुटने पर ला दिया था।

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