ये ग्लोबल वॉर्मिंग का प्रभाव
हाल ही में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी क‍ि आईएमडी ने पूर्वानुमान में बताया है क‍ि मानसून से पहले यानी क‍ि प्री-मानसून के महीनों में गर्मी का कहर बरपेगा। गर्मी का स्तर सामान्य से 1.5 डिग्री सेल्सियस ऊपर रहेगा। इसकी करीब 52 फीसदी तक संभावना है। इस संबंध में आईएमडी के डायरेटक्‍र जनरल डॉक्‍टर केजे रमेश का कहना है क‍ि मार्च से लेकर मई के बीच आग बरसेगी। इस दौरान गर्म हवाएं चलेंगी। मौसम व‍िभाग की मानें तो ये ग्लोबल वॉर्मिंग का प्रभाव माना जा रहा है, ज‍िससे भारत का आधे से ज्‍यादा ह‍िस्‍सा गर्मी से बेहाल रहेगा। 

गर्मी से बेहाल होंगे ये राज्‍य
दिल्ली, पंजाब, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तेलंगाना, मराठवाडा, विदर्भ, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र और तटीय आंध्र प्रदेश शामिल हैं। यहां 1 डिग्री सेल्सियस से ज्‍यादा तापमान रह सकता है। इस दौरान गर्मी का असर दक्षिण भारत पर भी दिखेगा। केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के क्षेत्रों में भी तापमान सामान्य से 0.5 ऊपर रहेगा। नॉर्थ ईस्ट के राज्यों नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा का भी यही हाल रहने वाला है।

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