कानपुर। भारत बनाम इंग्लैंड के बीच टेस्ट में बेस्ट की जंग शुरु होने में बस दो दिन बाकी हैं। भारतीय कप्तान विराट कोहली की अगुआई में टीम इंडिया इस मुकाबले के लिए पूरी तरह से तैयार है। भारत यहां पर कुल 17 टेस्ट सीरीज खेला है जिसमें तीन में जीत मिली जबकि एक सीरीज ड्रा रही। बतौर कप्तान विराट की इंग्लैंड में पहली टेस्ट सीरीज होगी। ऐसे में विराट जीत के साथ अपना खाता खोलना चाहेंगे। मैदान में उतरने से पहले कोहली को इंग्लिश धरती पर अपना पुराना रिकॉर्ड भी ध्यान में रखना होगा। पिछली बार जब वह यहां आए थे तो काफी खराब प्रदर्शन रहा था। कोहली के ऊपर न सिर्फ कप्तानी बल्कि बल्लेबाजी का भी दबाव होगा।
इंग्लैंड में टेस्ट रिकॉर्ड : विराट से दोगुनी औसत से बल्लेबाजी करते हैं भुवनेश्वर कुमार
विराट से अच्छा औसत भुवी का है
ईएसपीएन क्रिकइन्फो के डेटा के मुताबिक, विराट का इंग्लैंड में टेस्ट रिकॉर्ड अभी तक खराब रहा है। विराट ने यहां 10 पारियां खेलीं जिसमें उन्होंने मात्र 134 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत सिर्फ 13.40 का रहा। आपको जानकर हैरानी होगी इंग्लैंड में विराट से अच्छा बल्लेबाजी रिकॉर्ड भारत के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का है। भुवी ने इंग्लैंड में 10 पारियों में बैटिंग कर 247 रन बनाए। इस दौरान उनका औसत 27.44 का रहा। यही नहीं भुवनेश्वर ने 3 अर्धशतक भी लगाए जबकि विराट का इंग्लैंड में हाईएस्ट टेस्ट स्कोर 39 रन है।
इंग्लैंड में टेस्ट रिकॉर्ड : विराट से दोगुनी औसत से बल्लेबाजी करते हैं भुवनेश्वर कुमार
कोच शास्त्री को विराट से है काफी उम्मीद
विराट कोहली का इंग्लैंड में रिकॉर्ड चाहे जैसा हो मगर भारतीय कोच रवि शास्त्री को पूरी उम्मीद है कि उनकी टीम का कप्तान इस बार अच्छा प्रदर्शन करेगा। क्रिकइन्फो को दिए एक इंटरव्यू में रवि शास्त्री ने कहा, 'हां, चार साल पहले कोहली के लिए वो सीरीज कुछ खास नहीं थी। लेकिन इस बात को बीते चार साल हो गए। अब वह दुनिया का बेहतरीन खिलाड़ी बन चुका है। ऐसे में विराट अपने नाम के मुताबिक यहां प्रदर्शन कर खुद को बेहतर साबित करना चाहेंगे। आप कोहली का रिकॉर्ड देखो, उसने पिछले चार सालों में कितना अच्छा परफॉर्म किया है ऐसे में मुझे और कुछ बोलने की जरूरत ही नहीं। जब आपकी परफॉर्मेंस साथ देती है तो खिलाड़ी की मानसिक स्थिति ही अलग होती है। आप अगले टेस्ट मैच का इंतजार करते हो ताकि अच्छा खेल सको।'

टेस्ट में बेस्ट साबित होंगे

सीमित ओवरों में अच्छा खेल दिखाने के बाद टीम इंडिया की असली परीक्षा टेस्ट में होगी। इस बात को शास्त्री भी मानते हैं। उनका कहना है, 'सफेद गेंद के खेल में हमने काफी अच्छा किया। मगर अब बारी लाल गेंद के क्रिकेट की है। हमने साउथ अफ्रीका में मैच जीतकर दिखा दिया कि और इसे अब इंग्लैंड में दोहराना चाहेंगे। हालांकि ओवरसीज कंडीशन में चुनौती हमेशा रहेगी। हमें विश्वास है कि हम दुनिया के हर देश में जाकर अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।

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