कानपुर। भारत और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स में हुए दूसरे टेस्ट मैच में भारत को पारी और 159 रन से हार का सामना करना पड़ा। भारतीय बल्लेबाजों का घटिया प्रदर्शन मैच की दोनों पारियों में देखने को मिला। पहली पारी में केवल 107 रन बनाने के बाद दूसरी पारी में भी भारत के बल्लेबाज केवल 130 रन ही बना पाए। इसी के साथ भारतीय कप्तान विराट कोहली के नाम एक शर्मनाक रिकॉर्ड जुड़ गया। क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स मैदान पर हारने वाले 12वें भारतीय कप्तान विराट बन गए।

विराट कोहली
बतौर कप्तान पहली बार इंग्लैंड दौरे पर गए विराट कोहली इस सीरीज में 0-2 से पिछड़ गए। एजबेस्टन में पहला टेस्ट हारने के बाद विराट लॉर्ड्स में भी मैच गंवा बैठे। ईएसपीएन क्रिकइन्फो के डेटा के मुताबिक, इस मैदान पर कोई टेस्ट हारने वाले वह 12वें भारतीय कप्तान हैं। यही नहीं पिछले 44 साल में लॉर्ड्स में भारत की यह सबसे बड़ी हार है।
लॉर्ड्स में टेस्ट मैच हारने वाले ये हैं 12 भारतीय कप्तान,विराट कोहली का भी जुड़ा नाम
एमएस धोनी
भारत के सबसे सफल कप्तान एमएस धोनी की अगुआई में टीम इंडिया 2011 में इंग्लैंड दौरे पर गई थी। तब सीरीज का एक मैच लॉर्ड्स में खेला गया। उस वक्त भी भारत यहां टेस्ट जीत नहीं सका था। टीम इंडिया को 196 रनों से हार झेलनी पड़ी थी।

सौरव गांगुली
साल 2002 में भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने लॉर्ड्स में टीम इंडिया की अगुआई की थी। उस वक्त भी भारत की खराब बल्लेबाजी की वजह टीम इंडिया को हार का मुंह देखना पड़ा था। भारत यह मैच 170 रन से हार गया था।

मोहम्मद अजहरुद्दीन
भारत के बेहद स्टाईलिश क्रिकेटरों में शुमार मोहम्मद अजहरुद्दीन के नाम भी लॉर्ड्स में हारने का रिकॉर्ड दर्ज है। साल 1990 में टीम इंडिया इंग्लैंड दौरे पर गई थी। तब एक मैच क्रिेकेट के मक्का में खेला गया था। उस मैच में भारत 247 रन से हार गया था।
लॉर्ड्स में टेस्ट मैच हारने वाले ये हैं 12 भारतीय कप्तान,विराट कोहली का भी जुड़ा नाम
सुनील गावस्कर
साल 1982 में सुनील गावस्कर ने लॉर्ड्स में टेस्ट मैच में कप्तानी की थी। यह मैच भी भारत के हाथों से निकल गया था। तब टीम को 7 विकेट से हार झेलनी पड़ी थी।

अजीत वाडेकर
साल 1974 में अजीत वाडेकर की कप्तानी में भारत को अभी तक की सबसे बड़ी हार झेलनी पड़ी थी। यह मैच इंग्लैंड ने पारी और 285 रनों से जीता था।

मंसूर अली खान पटौदी
भारत के बेहतरीन क्रिकेटरों में शुमार रहे मंसूर अली खान पटौदी के नाम भी लॉर्ड्स में हारने का शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज है। नवाब पटौदी ने 1967 में इस मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ कप्तानी की थी। तब भारत पारी और 124 रनों से हार गया था।

पंकज रॉय
साल 1959 में पंकज रॉय की कप्तानी में इंग्लैंड के खिलाफ भारत लॉर्ड्स में 8 विकेट से हार गया था।

विजय हजारे
साल 1952 में टीम इंडिया की कमान विजय हजारे के हाथ में थी। तब एक टेस्ट मैच लॉर्ड्स में खेला गया था और भारत को यहां 8 विकेट से शिकस्त मिली थी।

इफ्तिखार अली खान पटौदी
साल 1946 में इफ्तिखार अली खान पटौदी को लॉर्ड्स मैदान पर इंग्लैंड के हाथों 10 विकेट से करारी हार मिली थी।
लॉर्ड्स में टेस्ट मैच हारने वाले ये हैं 12 भारतीय कप्तान,विराट कोहली का भी जुड़ा नाम
महाराज ऑफ विजयनगर
साल 1936 में दूसरे इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया को लॉर्ड्स में 9 विकेट से शिकस्त मिली थी। उस वक्त भारतीय टीम के कप्तान महाराज ऑफ विजयनगर थे।

सीके नायडू
साल 1932 में टीम इंडिया पहली बार इंग्लैंड दौरे पर गई थी। तब टीम की कमान सीके नायडू के हाथों में थी यह भारत के पहले टेस्ट कप्तान भी थे। तब लॉर्ड्स में खेले गए पहले मैच में भारत 158 रन से हार गया था।

इन दो कप्तानों ने जीता है लॉर्ड्स टेस्ट :

1986 में कपिल देव ने जीता मैच
1986 में कपिल देव की कप्तानी में भारतीय टीम जब इंग्‍लैंड दौरे पर गई थी। तो पहले ही टेस्‍ट मैच में ऐसी अप्रत्‍याशित जीत मिल जाएगी यह किसी ने नहीं सोचा था। क्रिकइन्फो के डेटा के मुताबिक, इस मैच में इंग्‍लिश टीम ने पहली पारी में 294 रन बनाए थे। जिसके जवाब में भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी 341 रन पर समाप्‍त की। इसके बाद इंग्‍लैंड के बल्‍लेबाज दूसरी पारी में 180 रन पर ही सिमट गए। ऐसे में भारत के पास मैच जीतने का बेहतरीन मौका था और उन्‍होंने दूसरी इनिंग्‍स में 5 विकेट खोकर 136 रन का लक्ष्‍य हासिल कर लिया और इतिहास रच दिया।

28 साल बाद एमएस धोनी को मिली थी जीत
साल 1986 में पहली जीत मिलने के बाद भारत को दूसरी जीत के लिए 28 साल इंतजार करना पड़ा। कप्तान एमएस धोनी की अगुआई में भारत ने लॉर्ड्स में दूसरी जीत 2014 में हासिल की थी। लॉर्ड्स में भारत को दूसरी बार जीत दिलाने वाले हीरो अजिंक्य रहाणे थे। तब रहाणे को टेस्ट खेले सिर्फ एक साल हुआ था मगर सेलेक्टर्स ने उनके ऊपर भरोसा जताया और टीम में रख लिया। पांच मैचों की इस सीरीज में पहला मैच मेहमान भारत के नाम रहा। दूसरा मैच लंदन के लॉडर्स में खेला गया। यह वही मैदान था जहां भारत पिछले 28 सालों में कोई मैच नहीं जीत पाया। मगर उस दिन इतिहास रचने जा रहा था, भारत की तरफ से रहाणे को छोड़ कोई भी बल्लेबाज शतक नहीं लगा पाया। रहाणे के दम पर भारत ने यह मैच 95 रन से जीतकर पिछले 28 सालों का सूखा खत्म कर दिया। इस जीत का पूरा श्रेय रहाणे को मिला।

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