कानपुर। भारत बनाम न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की वनडे सीरीज का आगाज बुधवार से हो रहा। सीरीज का पहला मैच बुधवार को नेपियर के मैक्लेन पार्क में खेला जाएगा। विराट कोहली का बतौर कप्तान यहां पहला मैच होगा। पिछली बार टीम इंडिया 2014 में न्यूजीलैंड खेलने आई थी तब टीम की कमान एमएस धोनी के हाथों में थी। वैसे भारत-न्यूजीलैंड के बीच वनडे इतिहास करीब 40 साल पुराना है। आइए देखें इन सालों में कौन पांच मैच फैंस आज भी करते हैं याद..

जब 1 रन से भारत ने जीता मैच
साल 1990 की बात है। टीम इंडिया मोहम्मद अजहरुद्दीन की कप्तानी में न्यूजीलैंड गई थी। यहां भारत को न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के साथ एक ट्राईएंगुलर वनडे सीरीज खेलनी थी। सीरीज का चौथा मैच भारत और न्यूजीलैंड के बीच वेलिंगटन में हुआ। भारतीय कप्तान अजहर ने टाॅस जीतकर बैटिंग का निर्णय लिया और पूरी भारतीय टीम 50 ओवर खेले बिना 221 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत की तरफ से सबसे ज्यादा 46 रन कपिल देव ने बनाए। अब मेजबान कीवी टीम को जीत के लिए 222 रन चाहिए थे। एक वक्त न्यूजीलैंड का स्कोर 4 विकेट पर 148 रन हो गया। सभी को लगा भारत के हाथ से मैच निकल जाएगा, खैर भारतीय गेंदबाजों ने बाद में अच्छी गेंदबाजी कर मैच का रोमांचक मोड़ पर पहुंचा दिया। आखिरी ओवर में कीवियों को जीत के लिए 11 रन चाहिए थे और गेंद थी कपिल देव के हाथों में। कपिल ने पहली गेंद फेंकी और चौका चला गया। इसके बाद अगली दो गेंदों पर चार रन गए। इस तरह आखिरी तीन गेंदों में न्यूजीलैंड को जीत के लिए तीन रन चाहिए थे। मगर चौथी गेंद पर दो रन लेने के चलते कीवी का नौवां विकेट रन आउट के रूप में गिर गया। अब दो गेंद पर दो रन चाहिए थे। मगर कपिल ने रिचर्ड हेडली के रूप में आखिरी विकेट चटकाकर भारत को एक रन से जीत दिला दी।

भारत को 1 विकेट से मिली जीत
2002-03 में टीम इंडिया सौरव गांगुली की कप्तानी में सात मैचों की वनडे सीरीज खेलने न्यूजीलैंड गई थी। वैसे तो भारत के हाथों से यह सीरीज निकल गई थी, मगर इसका छठवां मैच काफी रोमांचक रहा था जिसमें भारत को एक विकेट से जीत मिली। ऑकलैंड में खेले गए इस वनडे मैच में कप्तान गांगुली ने टाॅस जीतकर पहले फील्डिंग का निर्णय लिया और मेजबान कीवी को 199 रन पर समेट दिया। टीम इंडिया को लगा कि वे इस लक्ष्य का आसानी से पा लेंगे मगर मैच तो अंतिम ओवर में जाकर खत्म हुआ। एक वक्त भारत का स्कोर 142 रन पर एक विकेट था। इसमें सहवाग ने 112 रन बनाए थे। वीरू के आउट होते ही मानों विकेटों का पतझड़ शुरु हो गया। भारत को आखिरी सात ओवर में जीत के लिए 18 रन चाहिए थे और छह विकेट हाथ में थे। मगर अखिरी ओवर खेलने तक भारत के सात विकेट गिर गए थे और जीत के लिए चार रन चाहिए थे। अंतिम ओवर की पहली गेंद पर जहीर खान ने लेग बाई के रूप में एक रन लिया। स्ट्राइक पर पहुंचे मोहम्मद कैफ ने दूसरी गेंद डाॅट खेली और तीसरी पर अपना विकेट गंवा दिया। वहीं चौथी गेंद जोकि वाइड थी इस पर जहीर खान रन आउट हो गए। अब भारत को जीत के लिए तीन गेंदों में दो रन चाहिए थे और एक विकट बचा था। जवागल श्रीनाथ ने बाई के रूप में एक रन लिया और फिर पांचवीं गेंद पर नेहरा ने किसी तरह बल्ला लगाकर एक रन भाग लिया। इसी के साथ भारत ने एक गेंद शेष रहते ये मैच एक विकेट से जीता।
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जब चार विकेट से भारत हार गया
भारत बनाम न्यूजीलैंड के बीच रोमांचक मैचों में एक मैच ऐसा है जब भारत को नजदीकी हार मिली थी। साल 2000 में दोनों टीमें आईसीसी नाॅक आउट का फाइनल खेल रहीं थीं। खिताबी मुकाबले में न्यूजीलैंड ने टाॅस जीतकर भारत को बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। भारतीय ओपनर बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर (69) और सौरव गांगुली (117) ने टीम को अच्छी शुरुआत दिलाते हुए पहले विकेट के लिए 141 रन जोड़े। हालांकि बाकी के बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर पाए और टीम इंडिया निर्धारित 50 ओवर में 264 रन ही बना पाई। लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की आधी टीम 132 रन पर पवेलियन लौट गई थी। सभी को लगा भारत ये मैच जीत लेगा मगर छठे विकेट के लिए क्रिस केर्यंस और क्रिस हैरिस के बीच 122 रन की साझेदारी ने भारतीय फैंस की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। हैरिस तो 49वें ओवर में आउट हो गए मगर क्रिस केर्यंस नाबाद 102 रन बनाकर अपनी टीम को जीत दिलाकर लौटे। भारत यह मैच चार विकेट से हार गया था।

628 रन बनाने के बाद मैच हुआ टाई
वनडे क्रिकेट में ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है जब दोनों टीमें 300 का आंकड़ा पार करें, उसके बाद भी मैच टाई हो जाए। भारत बनाम न्यूजीलैंड के बीच ऐसा ही एक टाई मैच 2014 में खेला गया था। एमएस धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया तक पांच मैचों की सीरीज खेलने न्यूजीलैंड गई थी और सीरीज का तीसरा मैच ऑकलैंड में खेला गया जो काफी रोचक था। न्यूजीलैंड ने पहले खेलते हुए 314 रन बनाए। इसमें मार्टिन गप्टिल ने शानदार 111 रन की पारी खेली। जीत के लिए 315 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत तो अच्छी हुई मगर धीरे-धीरे विकेट गिरते गए। आखिरी ओवर में भारत को जीत के लिए 18 रन चाहिए थे और स्ट्राइक पर थे रवींद्र जडेजा। जडेना ने कोरे एंडरसन की गेंद पर दो चौके और एक छक्का लगाया। अब आखिरी गेंद पर जीत के लिए दो रन चाहिए थे। इस बार एंडरसन ने फुल लेंथ गेंद फेंकी जिस पर जडेजा एक रन ही ले पाए और मैच टाई हो गया।

6 रन से भारत ने हासिल की जीत
भारत बनाम न्यूजीलैंड के बीच आखिरी रोमांचक मैच 2017 में कानपुर में खेला गया था। तब कीवी टीम तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलने भारत आई थी। सीरीज के शुरुआती दो मैचों में एक-एक मैच दोनों टीमों ने जीता। अब आखिरी और निर्णायक मुकाबला कानपुर के ग्रीनपार्क स्टेडियम में खेला गया। कीवी कप्तान केन विलियमसन ने टाॅस जीतकर भारत को बल्लेबाजी का न्यौता दिया। भारत ने बैटिंग कंडीशंस का अच्छा फायदा उठाते हुए निर्धारित 50 ओवर में 337 रन का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया। भारत की तरफ से रोहित ने 147 और कोहली ने 113 रन की शानदार पारी खेली। 338 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कीवी टीम की शुरुआत भी अच्छी रही। गप्टिल, विलियमसन और टाॅम लैथम सभी ने अच्छी पारी खेली। मगर मैच का रोमांच तो आखिरी चार ओवर में आया जब मेहमान कीवी को जीत के लिए 24 गेंदों में 35 रन बनाने थे। मगर जसप्रीत बुमराह और भुवनेश्वर कुमार ने आखिरी ओवरों में दमदार गेंदबाजी कर न्यूजीलैंड को 331 रन पर ही रोक दिया। इस तरह भारत ये मैच 6 विकेट से जीत गया।

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