जयपुरा (एपी)। इंडोनेशियाई पुलिस ने मंगलवार को बताया कि सुरक्षाकर्मी उन 31 मजदूरों की बॉडीज रिकवर करने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्हें अलगाववादी हमलावरों ने इंडोनेशिया के पापुआ प्रांत में सरकारी परियोजना के तहत एक ब्रिज बनाने के कार्य में जुटे रहने के दौरान गोलीबारी में मार गिराया था। पापुआ पुलिस प्रवक्ता सूर्यदी दीयाज ने कहा कि जब रविवार को बंदूकधारियों ने नदुगा जिले के एक गांव में सरकारी पुल निर्माण के साइट पर हमला किया तो उस वक्त 24 मजदूर मारे गए, जबकि आठ अन्य मजदूर मौके से भागकर वहां मौजूद एक सांसद के घर में छिप गए। सूर्यदी ने कुछ गवाहों का हवाला देते हुए बताया कि सोमवार को बंदूकधारियों ने फिर साइट पर बचे हुए आठ मजदूरों पर हमला कर दिया, जिसमें से सात की मौत हो गई, जबकि एक लापता है।

सुलावेसी द्वीप से आये थे मजदूर
दीयाज ने मीडिया को बताया, 'हमलावर सरकार की ओर से हो रहे विकास कार्य को रोकना चाहते थे, यह अब तक का सबसे खतरनाक हमला था।' उन्होंने कहा कि सुरक्षाबल सभी 31 शवों को रिकवर करने की कोशिश कर रहे हैं। बता दें कि अलगाववादी पिछले 50 वर्षों से इंडोनेशिया सरकार के साथ अपनी विशेष मांगों को लेकर लड़ रहे हैं।  इंडोनेशियाई सरकार दशकों से पापुआ में जावानी और अन्य इंडोनेशियाई को बसाने की कोशिश कर रही है, अब सरकार वहां अलगाववादी आंदोलन को कम करने के लिए आर्थिक विकास को भी बढ़ावा दे रही है। सार्वजनिक कार्य मंत्री बसुकी हदीमुलजोनो ने मंगलवार को जकार्ता में पत्रकारों से कहा कि इस खतरनाक हमले में मरने वाले ज्यादातर मजदूर सुलावेसी द्वीप के थे और इन्हें पीटी (कंस्ट्रक्शन कंपनी) द्वारा भर्ती किया गया था।

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