आठ हजार साल पुरानी है ये सभ्‍यता
शोधकर्ताओं का कहना है कि सिंधु सभ्यता (इंडस सभ्यता) 8 हजार साल पहले अस्तित्व में थी। सिंधु घाटी सभ्यता मिस्र और मेसोपोटामिया से भी पुरानी थी। उनका कहा है कि पुख्ता तौर पर अब कहा जा सकता है कि इस ऐतिहासिक सभ्यता की मौत मानसून की बेरुखी से हो गई। शोध के मुताबिक इंडस सभ्यता के लोग मौसम में हो रहे परिवर्तन के अनुसार अपनी आदतों और खेती करने के तरीके में बदलाव करते गए। लेकिन लगातार मानसून की बेरुखी की वजह से लोगों के संचित भंडारों में कमी आती गई और ये महान सभ्यता काल कवलित हो गई। शोध में ये भी जानकारी सामने आई है कि पूर्व हड़प्पा सभ्यता इससे भी एक हजार साल पुरानी थी। 25 मई 2016 को इस संदर्भ में नेचर जर्नल में एक रिपोर्ट प्रकाशित की गई थी। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि सिंधु घाटी सभ्यता अपने जन्म से लेकर पतन तक करीब 3 हजार साल तक जिंदा रही।

उस समय के बर्तनों की हुई जांच
आईआईटी खड़गपुर के जियोलॉजी और जियोफिजिक्स विभाग के अध्यक्ष अनिंद सरकार का कहना है कि ऑप्टिकल ल्यूमिनेंस के जरिए हड़प्पा काल के बर्तनों की जांच की गई। जांच में ये पाया गया कि करीब आठ हजार साल पहले प्री हड़प्पा हकरा फेज में लोग बर्तनों की शानदार ढंग से डिजाइन किया करते थे। बता दें कि पहले आर्यों के आक्रमण, दांत के रोगों की समस्या और बाढ़ को हड़प्‍पा सभ्‍यता के खत्‍म होने के लिए जिम्मेदार माना जाता रहा है।

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