चौकाघाट-लहरतारा फ्लाईओवर विस्तारीकरण कार्य कर रही संस्था की लापरवाही को किया था उजागर

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VARANASI : चौकाघाट-लहरतारा फ्लाईओवर विस्तारीकरण में कार्यदायी संस्था की लापरवाही 15 जुलाई 2017 को दैनिक जागरण आई नेक्स्ट के रियलिटी चेक में साफ तौर सामने आई थी. 'इनकी लापरवाही कहीं न पड़ जाए भारी' हेडिंग से छपी खबर में खुलासा किया गया था कि सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर निर्माण कार्य किया जा रहा है. कंस्ट्रक्शन साइट पर बैरीकेडिंग न होने से पब्लिक की आवाजाही हर वक्त रहती है. ऐसे में गार्डर, स्लैब व निर्माण सामग्री गिरने की आशंका भी जताई गयी थी. वहीं 21 नवम्बर 2017 को दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने 'हवा' में लटक रहे शहर के फ्लाईओवर शीर्षक से खबर प्रकाशित कर हादसे के प्रति आगाह किया था. आखिरकार मंगलवार को यह बात सच साबित हुई.

दिन हो या रात, घंटों जाम से जूझना पब्लिक की नियति
दरअसल, फ्लाईओवर विस्तारीकरण के चलते ढाई साल से ज्यादा समय से इस मार्ग पर वाहनों को रेंगते हुए चलना पड़ रहा है. दिन हो या रात, घंटों जाम से जूझना पब्लिक की नियति हो गई है. सिर्फ अंधरापुल से कैंट स्टेशन पहुंचने में घंटों समय लग जाता है. पटरियों पर कार्यदायी संस्था ने गढ्डे खोद दिए हैं. कार्यदायी संस्था की लापरवाही और बार-बार मियाद बढ़ने की वजह से फ्लाईओवर पब्लिक के लिए परेशानी का सबब बनने लगा है.