गरीबों के राशन की कालाबाजारी में घिरे अफसरों ने बयान देकर की गर्दन बचाने की जिद्दोजहद

एडीएम ने सबसे अलग-अलग की बात

सभी ने कालेधंधे में खुद बताया बेगुनाह

बरेली: रिठौरा में राशन की कालाबाजारी में जिम्मेदार अफसरों और उनके मातहतों की गर्दन फंसती नजर आ रही है. मामले में डीएसओ से लेकर इंस्पेक्टर, मंडी सचिव और एसओ हाफिजगंज व चौकी इंचार्ज ने बयान देकर खुद को बेगुनाह बताया है. मामले की जांच कर रहे एडीएम एफआर जांच रिपोर्ट डीएम को देंगे. माना जा रहा है कि इसके बाद विभागीय अफसरों समेत कई पर कार्रवाई हो सकती है. उससे पहले कलेक्ट्रेट से लेकर रिठौरा तक खलबली का नजारा दिखाई दिया.

साढ़े पांच घंटे चली पूछताछ

एडीएम एफआर इस चर्चित मामले की जांच डीएम के निर्देश पर कर रहे हैं. उनके नोटिस जारी करने के बाद जिला पूर्ति अधिकारी सीमा त्रिपाठी, पूर्ति निरीक्षक संजीव कुमार, मंडी समिति सचिव, एसओ हाफिजगंज सौरभ सिंह, रिठौरा के पूर्व चौकी इंचार्ज सुनील राठी कलेक्ट्रेट में हाजिर हुए और एडीएम के सामने बयान दर्ज कराए. सभी ने मामले में खुद को बेगुनाह बताया. सभी ने अपनी बात को अलग तरह से रखा. सुबह साढ़े दस बजे से शाम चार बजे तक चली पूछताछ के बाद तलब किए गए अफसर बयान देकर कलेक्ट्रेट से चले गए. एडीएम ने बताया कि मामले में आगे की जांच के लिए वह रिठौरा जाकर जांच करेंगे. इसके बाद रिपोर्ट डीएम को देंगे.

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कमल गुप्ता से भी होगी पूछताछ

एडीएम एफआर अफसरों के बाद अब जिस आढ़ती के गोदाम से चावल लदी पिकप पकड़ी गई है, उससे भी पूछताछ करेंगे. इसके लिए उसे भी नोटिस भेजकर कलेक्ट्रेट स्थित दफ्तर में तलब किया जाएगा.

शक सभी को, अब कार्रवाई का इंतजार

राशन की कालाबाजारी के इस प्रकरण में अफसर वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल की नाराजगी के बाद हरकत में आए हैं. वित्त मंत्री ने डीएसओ को आवास स्थित कार्यालय बुलाकर लंबी पूछताछ की थी. इसके बाद उन्होंने कमिश्नर से जांच के लिए कहा था. राशन घोटाले में डीएम ने भी डीएसओ की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए कहा था कि डीएसओ गलत बयानबाजी कर रही हैं. इस मामले में धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कराना तो दूर उन्होंने डीएम और एसडीएम को जानकारी भी नहीं दी.

एडीएम की बात

गड़बड़ी की प्रबल संभावना है. अफसरों और पुलिस के बयान ले लिए हैं. पिकप चालक अभी हाथ नहीं आया है. उसके बयान पकड़े जाने के बाद लिए जाएंगे. माफिया बताए जा रहे आढ़ती को भी बुलाकर पूछताछ की जाएगी. जांच पूरी होने में दो-तीन दिन औैर लगेंगे. उसके बाद डीएम को रिपोर्ट भेजेंगे

मनोज पाण्डेय, एडीएम, वित्त एवं राजस्व

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अब खंगाला गया आढ़ती का गोदाम

कमिश्नर के निर्देश पर रिठौरा और हाफिजगंज थाना पहुंचे मंडलीय अफसर

-उपायुक्त खाद्य मंडी समिति अफसरों के साथ पहुंची

-एसओ के साथ आधा घंटे तक अफसरों ने बंद कमरे में की बात

बरेली: कमिश्नर रणवीर प्रसाद भी अपने स्तर से राशन कालाबाजारी के मामले की तह तक पहुंचने में लग गए हैं. उसके लिए मंडलीय अफसरों की टीम पहले रिठौरा और फिर हाफिजगंज थाने पहुंची. गोदाम से लेकर पिकप में भरे राशन की जांच की गई. एसओ को बंद कमरे में बैठाकर बात की.

जब कलेक्ट्रेट में अफसरों के बयान दर्ज हो रहे थे, उसी दौरान उपायुक्त खाद्य राजन गोयल, डिप्टी डायरेक्टर मंडी समिति मूलचन्द गंगवार, इंस्पेक्टर जगदीश वर्मा, जगदीश कनौजिया के साथ आढ़ती कमल गुप्ता का गोदाम चेक रहे थे. बता दें कि यह कमल गुप्ता के गोदाम पर तत्कालीन एसपी देहात डॉ, सतीश कुमार ने बड़ी मात्रा में राशन पकड़ा था . पिकप गाड़ी भी उन्हीं के गोदाम से पकड़ी गई थी. मंडलीय अफसरों ने गोदाम में भरे राशन को चेक किया. इसके साथ ही एसओ हाफिजगंज और चौकी इंचार्ज रिठौरा से पूछताछ की.

यह था मामला

बीती 27 नवंबर को तत्कालीन एसपी देहात डा. सतीश कुमार ने रिठौरा में एक गोदाम में दबिश देकर ट्रक व एक छोटी गाड़ी पकड़ी थी. दोनों में खाद्यान्न भरा हुआ था. एसपी देहात ने गोदाम सीज करके गोदाम मालिक हाफिजगंज थाना पुलिस को सौंपा था. दूसरे दिन आपूर्ति विभाग को मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर देनी थी. आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर ने तहरीर देने में ही तीन दिन लगा लिए. पुलिस ने गोदाम मालिक को क्लीन चिट देकर छोड़ दिया. गोदाम में रखे खाद्यान्न को भी मंडी का बता दिया गया. सप्लाई इंस्पेक्टर ने तहरीर में यह दिखा दिया कि उनकी जांच पड़ताल के दौरान एक गाड़ी आई. टीम को देखकर ड्राइवर भाग गया. जबकि गाड़ी तो तत्कालीन एसपी देहात पकड़कर थाने में खड़ी करवाकर गए थे. मामल ने तूल पकड़ा तो वित्त मंत्री ने डीएसओ को अपने आवास पर बुलाकर बात की. एमएलसी जयपाल सिंह व्यस्त का कहना है कि वह इस मामले को विधान परिषद में उठाएंगे.