दो कर्मचारी लापता हैं. अधिकारियों का कहना है कि आईएनएस सिंधुरत्न का समुद्र में परीक्षण चल रहा था जब अचानक धुआं निकलने लगा और इससे पनडुब्बी के दरवाज़े बंद हो गए.

नौसेना के कमांडर राहुल सिन्हा ने एनडीटीवी को बताया, "पनडुब्बी मुंबई के तट के नज़दीक रुटीन प्रशिक्षण पर थी जब धुआं देखा गया. सभी नौसैनिकों का अभी इलाज चल रहा है."

कमांडर राहुल सिन्हा के मुताबिक मदद के लिए आईएनएस सिंधुरत्न के नज़दीक नौसेना के जहाज़ तैनात किए गए हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक नौसेना ने हादसे की वजह का पता लगाने के लिए बोर्ड ऑफ़ इनक्वायरी के आदेश दे दिए हैं.

हादसे

रूस में बनी किलो क्लास की इस पनडुब्बी को साल 1988 में नौसेना में शामिल किया गया था और साल 2003 में इसकी पूरी मरम्मत की गई थी.

बुधवार को मुंबई समुद्रतट से लगभग 40 से 50 किलोमीटर दूर इसका परीक्षण किया जा रहा था जब यह हादसा हुआ.

पिछले सात महीने में भारतीय नौसेना के दस युद्धपोत, तीन पनडुब्बियां दुर्घटनाग्रस्त हो चुकी हैं.

पिछले साल अगस्त में भी एक पनडुब्बी, आईएनएस सिंधुरक्षक, में दो भारी धमाके हुए थे और आग लगने के बाद वह डूब गई थी. उस हादसे में 18 नौसेना कर्मचारी मारे गए थे.

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