-बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष के निरीक्षण में किशोर सम्प्रेषण गृह में मिलीं भारी कमियां

PRAYAGRAJ: शेल्टरों में रहने वाले बच्चों के हालात ठीक नहीं हैं. सरकारी से मिलने वाली सुविधाओं का सरकारी अधिकारी व कर्मचारी दुरुपयोग कर रहे हैं. यह हकीकत देखकर खुद राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ. विशेष गुप्ता के होश उड़ गए. बुधवार को वह खुल्दाबाद स्थित किशोर सम्प्रेषण गृह का निरीक्षण करने पहुंचे थे, जहां रसोई में रखी आलू की बोरी में चूहा मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई. यहां रहने वाले बच्चों ने खुद आयोग के अध्यक्ष से अपनी आपबीती सुनाई तो उनकी नाराजगी अधिक बढ़ गई.

काम नहीं करने पर होती है पिटाई

बच्चों ने बताया कि उनसे किचन में खाना बनवाया जाता है. नालियां साफ कराई जाती हैं. काम करने से मना करने पर मारपीट की जाती है. आयोग अध्यक्ष ने कहा कि शेल्टर की स्थिति दर्दनाक है. हमें शिकायत मिली थी कि यहां पर बच्चों के साथ अच्छा नहीं हो रहा है. निरीक्षण के दौरान सभी कैमरे बंद पाए गए. केवल वही कैमरे चालू थे जो सीधे निदेशालय से जुड़े हैं. बताया गया कि बैटरी खत्म हो गई है. फ्रिज भी खाली पड़ा था. आलू की बोरी में से चूहा निकला. आयोग अध्यक्ष ने कहा कि अगर इस तरह से खाना बनता है तो इससे बच्चे बीमार पड़ सकते हैं.

मंत्रालय को भेजी जाएगी रिपोर्ट

आयोग अध्यक्ष ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार की ओर से पूरी सुविधाएं दी जाती है लेकिन यह बच्चों तक नहीं पहुंचती. अगर स्टाफ कम है तो भी बच्चों का ख्याल रखना स्टाफ की जिम्मेदारी है. खुद केंद्र और राज्य सरकार इस दिशा में सकारात्मक कार्य कर रहे हैं. निरीक्षण में जो भी कमियां मिली हैं उनकी रिपोर्ट सीधे मंत्रालय और केंद्र सरकार को भेजी जाएगी. इसके आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. अध्यक्ष ने महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित प्राथमिक विद्यालय एवं बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा संचालित आंगनबाडी केंद्रों का निरीक्षण किया. साथ में आयोग की सदस्य डॉ. नीता साहू व डॉ. सुचिता चतुर्वेदी मौजूद रहीं.