- वर्ष 2015 में बैंक से पॉलिसी लेने के चार माह बाद धारक की हो गई मौत

- बैंक ने बीमित की एज ज्यादा बताकर नॉमिनी को रिस्क कवर देने से कर दिया था इनकार

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BAREILLY : प्रधानमंत्री जीवन ज्योति व प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा बीमा योजना में बीमित की मौत के बाद नॉमिनी को तीन साल बैंक और कोर्ट के चक्कर काटने पड़े. तब कहीं जाकर कंज्यूमर फोरम ने मामले में बैंक को दोषी मानते हुए नॉमिनी को बीमा की रकम का भुगतान करने के साथ ही मानसिक क्षतिपूर्ति और वाद व्यय का भुगतान करने का आदेश दिया है. कंज्यूमर फोरम प्रथम के अध्यक्ष ने जुर्माना राशि का एक माह के अंदर भुगतान करने का भी आदेश दिया है. एक माह के अंदर भुगतान नहीं करने पर कोर्ट ने 7 प्रतिशत साधारण ब्याज देने का भी आदेश दिया है.

सांप के काटने से हुई थी मौत

नवाबगंज के अम्बरपुर निवासी सुखरानी पत्नी स्व. ओमकार ने दायर वाद में बताया कि उसके पति ने बीओबी क्योलडि़या से 23 जुलाई 2015 को 12 रुपए मासिक प्रीमियम पर प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा और 330 रुपए मासिक प्रीमियम पर प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना की पॉलिसी ली थी. ओमकार को 10 नवम्बर 2015 को सांप ने डंस लिया और उसकी मौत हो गई. जिसकी सूचना थाना पर भी दी और बैंक से इंश्योरेंस रिस्क कवर की मांग की तो बैंक ने क्लेम देने से इनकार कर दिया. जिस पर मृतक की पत्नी सुखरानी ने कंज्यूमर फोरम फ‌र्स्ट में शाखा प्रबंधक बीओबी और इंडिया फ‌र्स्ट लाइफ बीमा कंपनी के खिलाफ वाद दायर कर दिया.

उम्र का तर्क देकर खारिज किया क्लेम

मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने जब बैंक को पक्ष रखने को बुलाया तो बैंक ने एज का तर्क देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना में 18-50 वर्ष तक की आयु के व्यक्ति का इश्योरेंस होता है, जिसके लिए 330 रुपए प्रीमियम देना होता है जिसके लिए बीमित व्यक्ति को 2 लाख रुपए दिया जाता है, लेकिन मृतक ओमकार की आयु पॉलिसी के समय 55 वर्ष 6 माह 22 दिन थी. इसीलिए वह जीवन ज्योति के लिए बीमा के लिए पात्र नहीं है और इसी तर्क पर रिस्क कवर की मांग को खारिज कर दिया.


जीवन सुरक्षा में पाया गया पात्र

जीवन ज्योति योजना में इंश्योरेंस रिस्क कवर खारिज होने के बाद कोर्ट ने पाया कि मृतक का प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में भी बीमा था. उसका भी बैंक ने रिस्क कवर नहीं दिया है. जिस पर कोर्ट ने बैक सुनवाई करते हुए बैंक से पक्ष रखने को कहा तो बैंक को दोषी पाया. जीवन सुरक्षा बीमा जिसका प्रीमियम 12 रुपए भी मृतक के अकाउंट से काटा गया. बैंक ने भी माना कि प्रधान मंत्री जीवन सुरक्षा बीमा के लिए 18 से 70 वर्ष तक आयु के पात्र माने जाते हैं. जिस पर कोर्ट ने बैंक पर दो लाख रुपए रिस्क कवर और 10 हजार रुपए मानसिक क्षति और वाद व्यय का जुर्माना लगाया है.