क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : सिटी के साइबर एक्सप‌र्ट्स इंटरनेशनल साइबर क्रिमिनल्स से टकरा रहे हैं और उन्हें मात दे रहे हैं. साइबर व‌र्ल्ड में हर रोज भारत पर हमले हो रहे हैं. साइबर व‌र्ल्ड में भारत पर सबसे बड़े हमलावर यूरोपीय देशों के साथ-साथ अमेरिका, रूस, चीन और बांग्लादेश भी हैं. सरकारी वेबसाइट्स, कंपनियों की वेबसाइट्स, इंटरनेट से जुड़ा सीसीटीवी डाटा, आधार के कलेक्शन सेंटर, बायोमिट्रिक सेंटर, इंटरनेट से जुड़े ड्रोन आदि पर हर वक्त हैकर हमले कर रहे हैं.

रांची से देश भर की मॉनिटरिंग

खास बात यह है कि अब साइबर हमलों की मॉनिटिरंग रांची में की जा रही है. रांची में बैठे-बैठे भारत में हो रहे साइबर हमलों पर नजर रखी जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजना ई-कवच के जरिए रांची में साइबर हमलों पर नजर रखने और साइबर हमलों से बचाव के लिए विशेष तौर पर काम किया जा रहा है.

यहां के एक्सप‌र्ट्स जुड़े ई कवच से

रांची में साइबर पीस फाउंडेशन द्वारा ई कवच के तहत उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक को जोड़ा जा चुका है. पहले चरण में इन राज्यों को नेटवर्क के जरिए जोड़ा गया है. दूसरे चरण में नार्थ इस्ट और दक्षिण के राज्यों को जोड़ा जाना है. इन राज्यों में होने वाले साइबर हमलों को रांची में बैठकर देखा जा सकता है

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आंकड़े चौंकानेवाले

साइबर पीस फाउंडेशन के आंकड़ों के मुताबिक हर घंटे 1600 के करीब साइबर हमले हो रहे हैं. बीते हफ्ते एक ही दिन में अमेरिका के एक ही आईपी एड्रेस से 3000 बार और कुल 35000 हमले हुए थे.

इन देशों से साइबर हमले

नीदरलैंडस, इटली, कोरिया, रूस, बांग्लादेश, ब्राजील, चीन, पाकिस्तान, वियतनाम, चेक रिपब्लिक के साइबर अपराधियों द्वारा बड़े हमले हो रहे हैं. साइबर एक्सप‌र्ट्स के मुताबिक हर दिन यह आंकड़ा बदलता रहता है.

सरकारी वेबसाइट ज्यादा शिकार

सरकारी वेबसाइट्स की सुरक्षा को लेकर अधिक इन्वेस्टमेंट नहीं किया जाता. फायरबॉल लगाए भी गए हैं तो उनकी मॉनिटरिंग नहीं हो रही है जिसके कारण सरकारी बेवसाइट्स सबसे ज्यादा शिकार बन रहे हैं. मॉनिटरिंग होती तो लगातार हमला करने वालों को चिन्हित कर सिस्टम दुरुस्त किया जा सकता था.

वेबसाइट्स की प्रोग्रामिंग सेफ नहीं

आधार कार्ड बनाने वाली संस्था के कलेक्शन सेंटर्स में भी मॉलवेयर है. ऐसे में इस डाटा को चाइना आसानी से हैक कर सकता है. सीसीटीवी के डाटा का पूरा सिस्टम चाइना आसानी से हैक कर सकता है. राज्य में एक भी सरकारी वेबसाइट सुरक्षा के लिहाज से आइएसओ 27001 से प्रमाणित नहीं है.

वर्जन

ई-कवच के जरिए देश भर में साइबर हमले की मॉनिटरिंग की जा रही है. सरकारी वेबसाइट्स पर हो रहे हमलों को लेकर भी आगाह किया जाता रहा है. पहले चरण में यूपी, महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों को जोड़ा गया है. अगले चरण में दूसरे कई राज्यों को नेटवर्क से जोड़कर मॉनिटरिंग शुरू की जाएगी.

विनित कुमार, प्रेसिडेंट, साइबर पीस फाउंडेशन