इक्कीसवीं सदी में भी हैं अंगूठाछाप, देहात क्षेत्र में हैं करीब तीन लाख

भारत साक्षर मिशन से घूंघट की ओट में दौड़ रही है साक्षरता एक्सप्रेस

फीरोजाबाद : इक्कीसवीं सदी चल रही है. नए-नए अविष्कार हो रहे हैं. टेबलेट एवं लैपटॉप का जमाना है. दूसरी तरफ देहात की एक बड़ी आबादी अभी कलम पकड़ना तक नहीं जानती है. अंर्तराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर फिर से बड़ी-बड़ी बातें तो होंगी. शहर में गोष्ठियां होंगी, लेकिन साक्षरता की असली गूंज की जरूरत है, देहात में रहने वाले उन निरक्षरों तक. जो आज भी बैंक में अंगूठा लगाने के लिए स्याही तलाशते घूमते हैं. साक्षर भारत मिशन के तहत हुए सर्वे में फीरोजबाद की 500 से ज्याद ग्राम पंचायतों में करीब 3 लाख निरक्षर छांटे गए हैं, जिन्हें अपना नाम-पता तक लिखना नहीं आता है. इनके हाथों में कलम पकड़ाने के लिए जिला स्तर पर बड़ी योजना बन रही है.

जनपद में 71.92 फीसद निरक्षर, शहर में अनपढ़ पुरुष ज्यादा

सन 2011 में हुई जनगणना के आंकड़े तो कुछ इसी तरफ इशारा कर रहे हैं. 2011 में हुई जनगणना के अनुसार फीरोजाबाद जिले में कुल साक्षरों की संख्या 71.92 फीसद है. यानी 28 फीसद से ज्यादा महिला पुरुष निरक्षर हैं. चौंकाने वाली बात यह है जनगणना के आंकड़ों के अनुसार देहात से ज्यादा पुरुष नगर में निरक्षर हैं. सन 2011 की जनगणना के अनुसार जनपद में जहां 80.82 फीसद पुरुष साक्षर हैं तो देहात क्षेत्र में साक्षर पुरुषों की संख्या 82.99 फीसद है. यानी देहात की तुलना में नगर में निरक्षर पुरुषों की संख्या ज्यादा है. इसकी एक वजह यह भी बताई जाती है फीरोजाबाद श्रमिक बाहुल्य क्षेत्र है. बड़ी तादाद में पुरुष नगर में कारखानों में काम करते हैं. श्रमिक बाहुल्य बस्तियों में निरक्षरों की संख्या ज्यादा है.

घूंघट की ओट में दौड़ती साक्षरता एक्सप्रेस से जगी उम्मीद

फीरोजाबाद में साक्षर भारत मिशन के तहत पिछले दिनों होने वाली अद्ध साक्षरों एवं निरक्षरों की परीक्षाओं में देहाती महिला पुरुषों की सहभागिता से एक उम्मीद जागी है. पिछले दिनों होने वाली परीक्षा में घूंघट की ओट में महिलाएं साक्षर बनने के लिए परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देती हुई नजर आई तो 70 वर्ष के बुजुर्ग भी बूढ़ी आंखों से शब्दों को पहचानने की कोशिश करते नजर आए. जिलाधिकारी एवं शिक्षाधिकारियों के प्रयास से पिछली तीन परीक्षाओं में सवा लाख से ज्यादा निरक्षर एवं अद्ध़ साक्षरों ने नवसाक्षर होने का तमगा इस परीक्षा में पाया है. जिलाधिकारी ने जल्द से जल्द फीरोजाबाद की साक्षरता को सौ फीसद करने की योजना बनाई है. इस कार्य के लिए अन्य विभागों के अफसरों से भी सहयोग मांगा है. देहात मे अब तक हुए सर्वे में तीन लाख से ज्यादा निरक्षरों की पहचान होने की संभावना है.