क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: राज्य की सीडब्ल्यूसी में पदस्थापित वैसे मेंबर जिन पर आरोप लग रहे हैं, उनकी जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर हटाए जाएंगे. साथ ही जुवेनाइल जस्टिस एक्ट का उल्लंघन कर सीडब्ल्यूसी मेंबर बनने वालों की भी खैर नहीं है. ये बातें महिला व बाल विकास विभाग के नवनियुक्त सचिव अमिताभ कौशल ने शनिवार को दैनिक जागरण आईनेक्सट से विशेष बातचीत में कहीं. उन्होंने कहा कि जुवेनाइल एक्ट के दायरे में जो भी आएंगे उन्हें हटाया जाएगा. इसके बाद फिर नए सिरे से मेंबर्स बहाल किए जाएंगे. उन्होंने बताया कि राज्य के विभिन्न जिलों में बाल कल्याण समिति में कई मेंबरों के बारे में मौखिक शिकायतें आई हैं. उसकी जिले के उपायुक्त व बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष द्वारा बारीकी से जांच की जा रही है.

शेल्टर होम की हुई जांच

शेल्टर होम पर उठ रहे सवाल पर महिला बाल विकास विभाग ने जांच शुरू की थी. जांच दो स्तरों पर की जा रही थी. एक में उपायुक्त व उनकी टीम कर रही थी, दूसरे में बाल संरक्षण आयोग के मेंबर कर रहे थे. इन शेल्टर होम की जांच रिपोर्ट विभाग को मिल रही है. ये रिपोर्ट केंद्रीय महिला बाल विकास विभाग की मंत्री मेनका गांधी को भेजी जाएंगी. 18 सितंबर को दिल्ली में इस संबंध में बैठक है, जिसमें विभाग के विशेष सचिव सह आईसीपीएस के नवनियुक्त निदेशक डीके सक्सेना भी भाग लेंगे.

आईसीपीएस में होगी नियुक्ति

सचिव अमिताभ कौशल ने बताया कि आईसीपीएस में अधिकारियों की कमी है. इस कारण अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी. नियुक्ति संबंधी फाइल कार्मिक विभाग को सौंप दी गई है.

महंगी पड़ेगी झूठी प्राथमिकी

सहयोग विलेज में तीन बच्चों की मौत पर कोतवाली थाने में प्राथमिकी में उनका नाम देनेवाले व अन्य मामलों में नाम घसीटने वालों के विरुद्ध और झूठी प्राथमिकी दर्ज करनेवाले के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज कराई जाएगी.