- स्कूल बस से गिरकर साढ़े 3 वर्ष के मासूम की गिरकर घायल होने का मामला

- सीईओ ने किया स्कूल का इंस्पेक्शन, ड्राइवर, कंडक्टर और स्कूल मैनेजमेंट के किये बयान दर्ज

देहरादून,

स्कूल बस से गिरकर साढ़े 3 वर्ष के मासूम के घायल होने के मामले में बाल अधिकार संरक्षण आयोग के आदेश पर शिक्षा विभाग ने जांच शुरू कर दी है। थर्सडे को खुद सीईओ आशारानी पैन्यूली टीम के साथ प्रेमनगर स्थित दून हेरिटेज स्कूल पहुंची। स्कूल का इंस्पेक्शन किया और बच्चे के घायल होने के मामले में स्कूल मैनेजमेंट, ड्राइवर व कंडक्टर सहित दूसरे स्टाफ के बयान दर्ज किए। इस दौरान स्कूल में एनसीईआरटी की बुक्ल लगाए जाने व सेफ्टी फीचर्स की भी टीम ने पड़ताल की।

8 मई को हादसा, 11 को केस दर्ज

दून हेरिटेज स्कूल का स्टूडेंट अंश 8 मई को चलती बस से गिरकर घायल हो गया था। परिजनों ने 11 मई को स्कूल मैनेजमेंट ने खिलाफ केस दर्ज कराया था। मामले का संज्ञान लेते हुए उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए सीईओ से रिपोर्ट तलब की है। थर्सडे को सीईओ आशारानी पैन्यूली शिक्षा विभाग की टीम के साथ स्कूल पहुंची। विभागीय सूत्रों की मानें तो शिक्षा विभाग की जांच में यह बात साफ हो गई कि बच्चे के साथ हादसा डीबीआईटी गेट के पास हुआ था। स्कूल बस में जांच टीम को सीसीटीवी कैमरे नहीं मिले। हालांकि दूसरे सुरक्षा इंतजाम और डॉक्यूमेंट सही मिले हैं। घटना के दिन ही स्कूल स्टाफ और ड्राइवर द्वारा उसी वक्त परिजनों को सूचना देने का प्रूफ भी दिखाया गया है। हालांकि परिजनों ने कम्पलेन दर्ज कर स्कूल प्रबंधन पर बच्चे के बस से गिरने की बात छिपाने का आरोप लगाया है। साथ ही यह भी आरोप लगाया है कि बच्चा बस से गिरा और ड्राइवर ने बस भगा दी, जिसके बाद डीबीआईटी कॉलेज के 3 स्टूडेंट्स ने बच्चे को हॉस्पिटल पहुंचाया। ऐसे में मामले की सच्चाई जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बात ही सामने आ पाएगी। सीईओ आशारानी पैन्यूली ने बताया कि जल्द ही वे रिपोर्ट बाल अधिकार संरक्षण आयोग को सौंप देंगी।