जेएनएन, नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग के 12वें सीजन का 50वां मैच बुधवार को चेन्नई सुपर किंग्स बनाम दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेला गया। इस मैच में धोनी की वापसी हुई और टीम ने शानदार जीत दर्ज की। चेन्नई ने ये मैच 80 रन से जीता।

घरेलू मैदान पर जीता अंतिम मैच
चेन्नई का इस सत्र में अपने घरेलू मैदान पर अंतिम मैच था और धोनी ने मैच खेलने का फैसला किया। धोनी 100 प्रतिशत फिट नहीं थे, लेकिन फिर भी उन्होंने आते ही अपनी टीम को सुपरकिंग बना दिया। धोनी की गैर-मौजूदगी का उनकी टीम पर क्या असर पड़ता है, इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि धोनी इस सत्र में चेन्नई में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच में भी नहीं खेल सके थे और उस मैच में भी चेन्नई की टीम को शिकस्त का सामना करना पड़ा था। पहले धोनी ने अंतिम ओवरों में 22 गेंदों में 44 रनों की तेजतर्रार पारी खेली और फिर श्रेयस अय्यर व क्रिस मॉरिस को फुर्ती से स्टंप आउट किया। साथ ही उन्होंने अपनी चतुराई भरी कप्तानी से स्पिनरों इमरान ताहिर (4/12) और रवींद्र जडेजा (3/09) की मदद से दिल्ली को 80 रनों से हराकर अंक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। अब दिल्ली तालिका में दूसरे स्थान पर है।

सुरेश रैना ने लगाया शानदार अर्धशतक
चेन्नई की जीत में सुरेश रैना (59) का भी अहम योगदान रहा। रैना और धोनी की मदद से चेन्नई ने धीमी शुरुआत के बाद वापसी करते हुए 20 ओवर में चार विकेट पर 179 रनों का अच्छा स्कोर बनाया। रैना ने अपनी पारी के दौरान के 37 गेंदों में आठ चौके और एक छक्का जड़ा। वहीं, धोनी ने चार चौके और तीन छक्के लगाए। जवाब में मेजबान टीम के गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी करते हुए अतिरिक्त एक भी रन नहीं दिया और दिल्ली के बल्लेबाजों को रन बनाने के लिए तरसा दिया। दिल्ली की पूरी टीम 16.2 ओवर में 99 रनों पर ढेर होकर मैच हार गई। मेहमान टीम के लिए अय्यर (44) और शिखर धवन (19) ही दहाई के आंकड़े को छू पाए। धोनी जब क्रीज पर नहीं आए थे तो चेन्नई ने 81 गेंद खेलकर 87 रन बनाए थे। इसके बाद धोनी क्रीज पर उतरे तो टीम ने 39 गेंदों में 92 रन कूट डाले।

दिल्ली ने नौ विकेट 47 रन पर गंवाए

पृथ्वी शॉ (04) को पारी के पहले ही ओवर में दीपक चाहर (1/32) ने पवेलियन भेज दिया। हालांकि धवन और अय्यर ने दूसरे विकेट के लिए 28 गेंदों में 48 रनों की साझेदारी करके टीम को संभाला। लेकिन, हरभजन सिंह (1/28) ने धवन को आउट करके मेहमान टीम को दूसरा झटका दिया। इसके बाद मेजबान टीम के स्पिनरों का दिल्ली के बल्लेबाज सामना नहीं कर पाए और एक-एक करके पवेलियन लौट गए। एक समय दिल्ली का स्कोर एक विकेट पर 52 रन था और वह अच्छी स्थिति में नजर आ रही थी, लेकिन उसने 47 रन जोड़कर अपने अंतिम नौ विकेट गंवा दिए।

पावरप्ले में खराब शुरुआत

इससे पहले अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। मेहमान टीम के गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी की और पावरप्ले में चेन्नई के बल्लेबाजों कुछ खास नहीं कर पाए। शुरुआती तीन ओवर में चेन्नई ने सिर्फ तीन रन बनाए, जिसमें एक ओवर में एक रन शामिल था। इसके बाद पारी के चौथे ओवर में जगदीश सुचित (2/28) ने अनुभवी बल्लेबाज शेन वॉटसन को बिना खाता खोले ही अक्सर के हाथों कैच आउट करा दिया। इसके बाद डुप्लेसिस का साथ रैना ने दिया। लेकिन, दोनों पावरप्ले में टीम का स्कोर सुधार नहीं पाए। चेन्नई ने शुरुआती छह ओवर में एक विकेट पर 27 रन बनाए और यह उसका इस सत्र में पावरप्ले में तीसरा संयुक्त रूप से सबसे कम स्कोर है। इससे पहले उसने सबसे कम 16 रन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूर के खिलाफ चेन्नई में ही एक विकेट पर बनाए थे।

रैना ने बढ़ाई रनों की गति

इसके बाद रैना ने टीम के स्कोर की गति को बढ़ाया। हालांकि दूसरे छोर पर खड़े डुप्लेसिस को दिल्ली के गेंदबाजों का सामना करने में परेशानी हो रही थी। 10 ओवर में चेन्नई का स्कोर एक विकेट पर 53 रन हो पाया। 13वें ओवर में चेन्नई की पारी का पहला छक्का लगा जो डुप्लेसिस ने लगाया। फिर अक्सर पटेल (1/31) ने डुप्लेसिस को बड़ा शॉट खेलने के लिए आमंत्रित किया, लेकिन उनके शॉट पर गेंद सीधा शिखर धवन के हाथों में समा गई। डुप्लेसिस ने 41 गेंदों की अपनी धीमी पारी में 39 रन बनाए, जिसमें दो चौके और दो छक्के शामिल रहे। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 61 गेंदों में 83 रनों की मजबूत साझेदारी की।

मध्यक्रम में संभला चेन्नई
रैना ने सुचित को अपने निशाने पर रखा और लगातार दो गेंदों पर दो चौके और फिर तीसरी गेंद पर छक्का जड़ा दिया। हालांकि वह पांचवीं गेंद पर कैच आउट हो गए और धवन ने उनका शानदार कैच प्वाइंट पर लपका। रैना ने इस सत्र में दूसरा अर्धशतक लगाया। उन्होंने इस सत्र में 13 मैचों में 306 रन बनाए हैं, जिसमें 59 रनों की उनकी सर्वश्रेष्ठ पारी है। वह अपने आइपीएल करियर में 189 मैचों में 137.71 के स्ट्राइक रेट से 5291 रन कूट चुके हैं, जिसमें 37 अर्धशतक और एक शतक शामिल है। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर नाबाद 100 रन है।

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धोनी ने धोया
17 ओवर तक चेन्नई का स्कोर तीन विकेट पर 126 रन था और दूसरी ओर से रवींद्र जडेजा शानदार शॉट खेल रहे थे। 18वें ओवर में दोनों ने 14 रन निकाले, लेकिन जडेजा 19वें ओवर में क्रिस मॉरिस (1/47) को उनकी गेंद पर ही कैच देकर पवेलियन लौट गए। हालांकि, उन्होंने 10 गेंदों में दो चौके और दो छक्कों की मदद से 25 रन बनाकर अपना काम पूरा कर दिया। इस ओवर में धोनी ने एक छक्का और एक चौका लगाया और इस ओवर में 18 रन निकाल लिए। पारी के अंतिम ओवर में ट्रेंट बोल्ट को धोनी ने नहीं छोड़ा और इस ओवर में एक चौका और दो छक्के जड़ दिए। बोल्ट ने इस ओवर में 21 रन दिए।