नई दिल्ली (जेएनएन)। उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में जन्में 26 वर्षीय तेज गेंदबाज दीपक चाहर आइपीएल में अपनी एक अलग पहचान बनाने में जुटे हैं और 12वां सत्र उनके करियर का सबसे अच्छा जा रहा है। मंगलवार को चेन्नई के एमए चिंदबरम स्टेडियम में आइपीएल के मैच में कोलकाता नाइटराइडर्स (केकेआर) के खिलाफ सभी की निगाहें आंद्रे रसेल की विस्फोटक बल्लेबाजी पर टिकी थी लेकिन चाहर के शुरुआती झटकों ने केकेआर के साथ ही उसके धमाकेदार बल्लेबाज के बल्ले पर भी ताला लगा दिया। रसेल ने नाबाद 50 रनों की पारी जरूरी खेली लेकिन इस मैच में भारत के लिए एक वनडे और एक टी-20 खेल चुके चाहर की खूब चली। उनके शुरुआती झटकों के कारण ही केकेआर की टीम चेन्नई सुपरकिंग्स (सीएसके) के खिलाफ 20 ओवर में नौ विकेट पर 108 रन का सम्मानजनक स्कोर ही बना पाई।
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तीन विकेट पर 111 रन का स्कोर
चाहर (3/20) का अच्छा साथ हरभजन सिंह (2/15) और इमरान ताहिर (2/21) ने निभाया। शुरुआती झटकों में घिरने के बाद केकेआर की टीम को यहां तक रसेल (नाबाद 50) ने ही पहुंचाया। जवाब में दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेटर फाफ डुप्लेसिस (नाबाद 43) की मदद से चेन्नई ने 17.2 ओवर में तीन विकेट पर 111 रन का स्कोर कर मैच अपने नाम किया। चेन्नई ने अपने तीन बल्लेबाज शेन वॉटसन (17), सुरेश रैना (14) और अंबाती रायुडू (21) के विकेट 81 रन पर गिरा दिए और लग रहा था कि मेहमान टीम के गेंदबाज मैच को आखिरी ओवर तक ले जाएंगे लेकिन डुप्लेसिस ने उनकी उम्मीदों पर पारी फेरकर टीम को जीत दिलाई। केकेआर के लिए सुनील नरेन (2/24) ने सबसे ज्यादा विकेट लिए।

23 मैचों में 439 गेंद फेंक चुके हैं चाहर
इसके साथ ही चेन्नई अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गई जबकि केकेआर दूसरे स्थान खिसक गई। धौनी की रणनीति से हर कोई प्रभावित है। उनका जौहर इस मैच में भी देखने को मिला। उन्होंने अपने गेंदबाजों को केकेआर के बल्लेबाजों के सामने लगाया और चाहर का अच्छा इस्तेमाल किया। चाहर ने आइपीएल में 2012 में पदार्पण किया था। 2012 में वह राजस्थान रॉयल्स टीम का हिस्सा थे। दो सत्र के लिए उन्होंने राइजिंग पुणे सुपरजाइंटस की जर्सी भी पहनी लेकिन वहां भी उनकी किस्मत नहीं चमक पाई लेकिन जैसे ही उन्होंने 11वें सत्र में चेन्नई सुपरकिंग्स का दामन थामा उनकी गेंदबाजी में भी निखार आ गया। वह आइपीएल में अब तक 23 मैचों में 439 गेंद फेंक चुके हैं जिसमें उन्होंने 530 रन दिए हैं और 19 विकेट चटकाए हैं।

पर्पल कैप की दौड़ में चौथे स्थान पर पहुंचे चाहर
चाहर की शानदार फॉर्म का इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह आठ विकेट लेकर पर्पल कैप की दौड़ में चौथे स्थान पर पहंुच गए हैं। 2018 में उन्होंने 12 मैचों में 229 गेंदें फेंकी और 278 रन देकर 10 विकेट निकाले थे। उनकी इस प्रतिभा को देखते हुए ही धौनी ने उनका इस्तेमाल इस सत्र में अच्छे से किया। धौनी उन्हें पारी के शुरुआती ओवरों के साथ अंतिम ओवरों में इस्तेमाल करते हैं जहां गेंदबाज पर ज्यादा दबाव रहता है। किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ जब मैच रोमांचक स्थिति में था जब चाहर 19वां ओवर फेंक रहे थे तब उन्होंने दो गेंद नो बॉल फेंक दी थी। इसके बाद धौनी ने उन्हें डांटा और इसके बाद उन्होंने इस ओवर में डेविड मिलर का विकेट निकाला था। केकेआर के खिलाफ भी वह पारी का 19वां ओवर फेंक रहे थे और वह छक्का खा चुके थे। इसके बाद फिर धौनी उनके पास आए और उनसे बातचीत की। फिर चाहर ने अगली गेंद पर कोई रन नहीं बनने दिया।
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टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला
इससे पहले पिच को देखते हुए धौनी ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। केकेआर के विकेटों का पतझड़ पारी के शुरुआत से ही लगना शुरू हो गया। शुरुआती तीन ओवर में प्रत्येक ओवर में केकेआर ने अपना एक-एक विकेट गंवा दिया। पारी के पहले ओवर में चाहर ने क्रिस लिन (00) को पवेलियन भेज दिया। फिर हरभजन ने सुनील नरेन (06) को उनके पीछे-पीछे रवाना कर दिया। इसके बाद फिर चाहर आए और नीतीश राणा (00) का विकेट ले लिया और फिर रॉबिन उथप्पा (11) को भी आउट कर दिया। पावरप्ले तक केकेआर ने चार विकेट पर 29 रन बनाए। नौवें ओवर तक केकेआर की आधी टीम 44 रन पर पवेलियन लौट चुकी थी। इसके बाद रसेल मैदान पर पहुंचे।

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हरभजन ने रसेल का कैच छोड़ दिया
रसेल इस सत्र में ताबड़तोड़ पारी खेल रहे हैं लेकिन चेन्नई के गेंदबाजों के सामने वह खुलकर नहीं खेल सके। उन्होंने यहां पहली गेंद डिफेंस खेली तो दूसरी गेंद पर कोई शॉट नहीं खेला और अपना खाता सातवीं गेंद में खोला। रसेल ने चेन्नई के खिलाफ पिछली पारी में 36 गेंद में 88 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली थी। रसेल जब नौ रन पर थे तब ताहिर की गेंद पर हरभजन ने उनका कैच छोड़ दिया। इसके बाद रवींद्र जडेजा ने सीमा रेखा के पास शानदार क्षेत्ररक्षण करके रसेल का छक्का रोक दिया। 11वें ओवर तक टीम के बल्लेबाज एक भी छक्का नहीं लगा पाए थे। इसके बाद 12वें ओवर की दूसरी गेंद पर रसेल ने हरभजन की गेंद पर छक्का जड़ा। रसेल के बायें हाथ में थोड़ी परेशानी थी और इसके बावजूद उन्होंने पारी के अंतिम ओवर में दो चौके और एक छक्के की मदद से 14 रन निकाले। उन्होंने नाबाद अर्धशतकीय पारी में 44 गेंदों का सामना किया जिसमें पांच चौके और तीन छक्के जड़े। रसेल के अलावा सात बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाए जबकि चेन्नई ने केकेआर के चार बल्लेबाजों का खाता तक नहीं खोलने दिया।