कानपुर। इंडियन प्रीमियर लीग के 12वें सीजन का क्वाॅलीफाॅयर 2 शुक्रवार शाम को दिल्ली कैपिटल्स बनाम चेन्नई सुपर किंग्स के बीच विशाखापत्तनम में खेला जाएगा। ये मैच दोनों टीमों के लिए काफी अहम है। चेन्नई जहां क्वाॅलीफाॅयर 1 हारकर यहां पहुंची है वहीं दिल्ली ने एलिमिनेटर में हैदराबाद को हराया था। अब आखिरी मुकाबला दिल्ली बनाम चेन्नई के बीच होना है, जो टीम ये मुकाबला जीतेगी वो फाइनल में पहुंच जाएगी। बता दें दिल्ली कैपिटल्स की टीम पहली बार यहां तक पहुंची है ऐसे में चेन्नई से ज्यादा दिल्ली पर जीत का दबाव होगा।

2012 में हो चुका है आमना-सामना
आईपीएल इतिहास में DC vs CSK का मुकाबला काफी रोचक रहा है। बता दें ये दूसरी बार है, जब दोनों टीमें क्वाॅलीफाॅयर 2 में एक-दूसरे के सामने आई हैं। इससे पहले साल 2012 में दोनों टीमों के बीच क्वाॅलीफाॅयर में जंग हुई थी। वो मैच काफी रोमांचक था। तब दिल्ली की टीम में वीरेंद्र सहवाग, महेला जयवर्द्घने, आंद्रे रसेल जैसे धुरंधर खिलाड़ी थे मगर मैच के परिणाम ने सबको हैरान कर दिया था। उस मैच में दिल्ली की टीम चेन्नई के दो बल्लेबाजों के बराबर भी रन नहीं बना पाई थी और टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी।

मुरली विजय ने लगाया था शतक
दिल्ली बनाम चेन्नई के बीच ये मैच चेन्नई के चेपक मैदान में खेला गया था। उस वक्त दिल्ली के कप्तान वीरेंद्र सहवाग थे। वीरू ने टाॅस जीतकर धोनी को बल्लेबाजी का न्यौता दिया। सीएसके की तरफ से मुरली विजय और माइक हसी बैटिंग करने आए। हसी तो 20 रन बनाकर आउट हो गए मगर विजय ने इतनी तूफानी पारी खेली कि दिल्ली के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं। मुरली ने 58 गेंदों में 113 रन बनाए, जिसमें 15 चौके और 4 छक्के शामिल हैं। इसके बाद ब्रावो ने आखिर में 12 गेंदों में 33 रन की छोटी पारी खेलकर सीएसके का स्कोर 5 विकेट पर 222 रन पहुंचा दिया।  

दिल्ली के सामने था पहाड़ जैसा स्कोर
2012 क्वाॅलीफाॅयर 2 में दिल्ली को जीत के लिए 20 ओवर में 223 रन बनाने थे। ये लक्ष्य काफी बड़ा था, दिल्ली के फैंस को लगा कि सहवाग की अगुआई वाली दिल्ली शायद ये मैच जीत जाए। मगर उस दिन न वीरू का बल्ला चला, न बाकी बल्लेबाजों को। पूरी दिल्ली टीम 136 रन पर ऑलआउट हो गई। दिल्ली की तरफ से सबसे ज्यादा 55 रन जयवर्द्घने ने बनाए। इस मैच में चेन्नई के लिए खेलते हुए आर अश्विन ने तीन विकेट चटकाए थे। इसी के साथ दिल्ली का फाइनल में पहुंचने का सपना भी टूट गया था।

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इस साल फिर मिला है मौका
सात साल पहले चेन्नई ने दिल्ली को भले ही हरा दिया था। मगर आज फिर दोनों टीमें क्वाॅलीफाॅयर 2 में एक-दूसरे के सामने हैं। इस बार चेन्नई की तुलना में दिल्ली काफी मजबूत टीम नजर आ रही। दिल्ली की कमान युवा श्रेयस अय्यर के हाथों में है। वहीं रिषभ पंत का बल्ला भी खूब चल रहा है।