-रेलवे की ओर से ट्रेन में वेंडर्स को दिया जा रहा पीओएस मशीनें

-पैसेंजर्स से वेंडर नहीं कर सकेंगे मनमाना रेट की वसूली

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VARANASI

ट्रेन में सफर के दौरान अब पैसेंजर्स की जेब हल्की नहीं होगी. वेंडर्स किसी भी सामान का मनमाना रेट वसूल नहीं पाएंगे. सफर को टेंशन फ्री बनाने के लिए रेलवे ने नई सर्विस स्टार्ट की है.

प्वॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनों के माध्यम से पेमेंट की सुविधा शुरू की गयी है. ट्रेन में अक्सर पैसेंजर्स को मनपसंद फूड आयटम न मिलने के साथ ही रेट भी ज्यादा देने की शिकायत सामने आती थी. लेकिन आईआरसीटीसी की नयी सर्विस से पैसेंजर्स की यह कम्प्लेन दूर हो जाएगी.

एक तरफ पेमेंट दूसरी ओर बिल

आईआरसीटीसी ने ट्रेंस में प्वॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनों के माध्यम से पेमेंट की सुविधा शुरू किया है. पीओएस हैंड हेल्ड मशीन के थ्रू क्रेडिट और डेबिट कार्ड या कैश से पेमेंट करने पर तुरंत बिल जेनरेट हो जाएगा. इससे ओवर चार्जिग की शिकायत पर ब्रेक लग जाएगा. इसके सफल होने पर यह सिस्टम स्टेशन पर स्थित वेंडर्स को भी पीओएस से लैस किया जाएगा.

हर ट्रेन में आठ मशीन

-आईआरसीटीसी ने हर ट्रेन की एक रैक में कम से कम आठ पीओएस मशीन लगाने के निर्देश जारी किए हैं.

- रेलवे की पैंट्रीकार में फिलहाल 2191 पीओएस मशीन वेंडर्स को दिए गए हैं.

-यह सर्विस सभी ट्रेन में मिल सके इसलिए रेलवे ने आने वाले दिनों में पीओएस मशीन की संख्या में इजाफा करने का डिसीजन लिया गया है.

-आईआरसीटीसी की ओर से ट्रेंस में अभी 2000 से भी ज्यादा प्वाइंट ऑफ सेल हैंड हेल्ड मशीनें और लगाई जाएंगी.

-मशीनों से फूड आयटम परचेज करते ही पैसेंजर्स को बिल मिल जाएगा.

-पीओएस से रेलवे के कैटरिंग सिस्टम में ट्रांसपरेंसी आएगी.

8

पीओएस मशीनें होंगी ट्रेन की हर रैक में

2191

मशीनें दी गयीं वेंडर्स को

2000

से ज्यादा मशीनें अभी और लगायी जाएंगी

4

महीनें लग जाएंगी सभी मशीनें

26

जनवरी से हो रही मशीनों की उपयोगिता की जांच

150

ट्रेन्स कैंट स्टेशन से चलती हैं अलग-अलग स्टेशन के लिए

2

लाख पैंसेजर्स करते हैं हर दिन सफर

15 फरवरी तक चल रहा कैंपेन

पैसेंजर्स की ओर से आए दिन हो रहे कम्प्लेन को देखते हुए रेलवे की टीम कैंपेन चला रही है. नई योजना ठीक से काम कर रही है या नहीं सभी मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में एक विशेष जांच 15 फरवरी तक होगा. जांच 26 जनवरी से स्टार्ट हुई है. ऑन-बोर्ड ट्रेंस में खाने पीने का सामान खरीदने पर सभी यात्रियों को बिल जारी किया जा रहा है. इसके अलावा इस बीच कमी पकड़ने जाने पर कैटरर के खिलाफ कार्रवाई के साथ जुर्माना भी लगाया जा रहा है.