कारगिल विजय! जानें इजराइल की 5 मदद और भारतीय सेना के हौसले से जुड़ी कुछ अनजान बातें

इजराइल ने की खुले दिल से मदद
इजराइल ने अपने आतंकी संगठनों का सामना करने और उनसे अपनी सीमायें सुरक्षित रखने अनुभव को भारतीय सुरक्षा सेनाओं से साझा किया। सबसे बड़ी बात तो ये है कि इजराइल ने अमेरिकी दवाब के बावजूद भारत की भरपूर और खुले तौर पर सहायता की। उसने अपने भारत के साथ पहले से तय हथियारों की सप्‍लाई करने वाले बेड़ों को रवाना करने में में तेजी लाने की व्‍यवस्‍था की।

कारगिल विजय! जानें इजराइल की 5 मदद और भारतीय सेना के हौसले से जुड़ी कुछ अनजान बातें

इजराइल से मिले हेरॉन और सर्चर यूएवी, जो हाई एटीट्यूड पर स्‍थित स्‍थानों की तस्‍वीरे उपलब्‍ध कराने में सक्षम होते हैं, की मदद से भरतीय सेना को ऊंचाई पर मौजूद दुश्‍मन के सामरिक ठिकानों पर पैनी नजर रखने में काफी सहायता मिली।

कारगिल विजय! जानें इजराइल की 5 मदद और भारतीय सेना के हौसले से जुड़ी कुछ अनजान बातें

इजराइल ने भारत को ना सिर्फ मानवरहित विमान उपलब्‍ध कराये बल्‍कि शत्रु के सैन्‍य ठिकानों की सैटेलाईट तस्‍वीरें भी उपलब्‍ध कराईं।

कारगिल विजय! जानें इजराइल की 5 मदद और भारतीय सेना के हौसले से जुड़ी कुछ अनजान बातें

इजराइल ने बोर्फोस तोप में इस्‍तेमाल हो सकने योग्‍य गोला बारूद भी भारत को दिया।

कारगिल विजय! जानें इजराइल की 5 मदद और भारतीय सेना के हौसले से जुड़ी कुछ अनजान बातें

इसके अलावा इजराइल ने भारतीय वायु सेना को मिराज 2000 एच युद्धक विमानों के लिए लेजर गाइडेड मिसाइल भी उपलब्‍ध कराये।

कारगिल विजय! जानें इजराइल की 5 मदद और भारतीय सेना के हौसले से जुड़ी कुछ अनजान बातें

कई दिक्‍कतों और कमियों के बाद मिली विजय
कहते हैं कि कारगिल युद्ध के पीछे पाकिस्‍तान के पूर्व सेना प्रमुख परवेज मुशर्रफ का दिमाग काम कर रहा था। जैसे ही भारतीय सेनाओं को खुफिया एजेंसियों से कारगिल और द्रास सेक्‍टर पर पाकिस्‍तानी सेनाओं की मौजूदगी का पता चला फौरन ही ऑपरेशन विजय की शुरूआत कर दी गयी। हांलाकि उस वक्‍त सेना पूरी तरह तैयार नहीं थी। इस युद्ध के चलते भारतीय सेनाओं और खुफिया संगठनों की कुछ कमियां भी सामने आयीं।

कारगिल विजय! जानें इजराइल की 5 मदद और भारतीय सेना के हौसले से जुड़ी कुछ अनजान बातें

सबसे बड़ी दिक्‍कत तो ये थी कि भारतीय सिपाही ऊंचाई पर स्‍थित सैन्‍य ठिकानों पर युद्ध लड़ने के अभ्‍यस्‍त नहीं थे क्‍योंकि उन्‍हें सही प्रशिक्षण और सुविधायें नहीं मिले थे। इसके अलावा भारतीय सेनायें अपनी लाइन ऑफ कंट्रोल के अंदर रह कर ही युद्ध करने के लिए विवश थीं। सीमा पार करने पर बड़े अंतराष्‍ट्रीय युद्ध के शुरू होने का खतरा था।

कारगिल विजय! जानें इजराइल की 5 मदद और भारतीय सेना के हौसले से जुड़ी कुछ अनजान बातें

एक और समस्‍या थी कि पाकिस्‍तानी बंकर्स के पहाड़ीयों में छिपे होने के कारण भारतीय वायुसेना के विमानों को उनकी सही स्‍थिति पता नहीं चल पा रही थी और वे लक्ष्‍यहीन मिसाइल फेंक रहे थे। दूसरी ओर भारत के फोटो टोही प्‍लेटफार्मस भी काम नहीं कर रहे थे क्‍योंकि इसके लिए उपलब्‍ध एकमात्र साधन IAF केनबेरा PR57 पाकिस्‍तानीयों का निशाना बन गया था। अब भारत के पास कोई विकल्‍प नहीं बचा था जो ऊंचाई पर टोह लेकर भारतीय युद्धक विमानों और सैन्‍य दलों को पाकिस्‍तानी सेना की मौजूदगी की जानकारी दे सके।

कारगिल विजय! जानें इजराइल की 5 मदद और भारतीय सेना के हौसले से जुड़ी कुछ अनजान बातें

भारतीय जल सेना पाकिस्‍तानी नेवी की रुकावटों का सामना करने और उन्‍हें दूर करने में तो सक्षम थी परंतु इस युद्ध में पाकिस्‍तान अमेरिका की हारपून मिसाइलों का इस्‍तेमाल कर रहा था जिनका तोड़ भारतीय सेनायें नहीं खोज पायी थीं।

Interesting News inextlive from Interesting News Desk

 

Interesting News inextlive from Interesting News Desk