-फर्जीवाड़ा रोकने के लिए शासन ने दिया निर्देश

- सामूहिक विवाह योजना के तहत वर - वधू को देना होगा आधार

GORAKHPUR:

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत दांपत्य सूत्र में बंधने से पहले प्रशासनिक अधिकारी किसी प्रकार की दिक्कत आने पर मध्यस्थता की भूमिका अदा करेंगे. यहीं नहीं वर-वधु के परिवार के सहमति के बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों से वह अपनी आपत्ति भी दर्ज करा सकेंगे. इसके लिए शासन ने सभी प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिया है. नए निर्देश के मुताबिक, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत वर-वधु को पहले अपना आधार जमा करने के साथ-साथ कई अन्य दस्तावेज भी जमा करना अनिवार्य होगा. ताकि फर्जीवाड़े को रोका जा सके.

फेरे लेने के बाद होगा मैरिज रजिस्ट्रेशन

बता दें, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत दांपत्य सूत्र में बंधने जा रहे जोड़ों को फेरे लेने से पहले अपना आधार नंबर देना होगा. शासन की तरफ से जारी निर्देश के मुताबिक, दांपत्य सूत्र में बंधने वाले जोड़ों को विवाह से पहले आधार नंबर के अलावा आयु प्रमाणपत्र और दो फोटो भी जमा करनी होगी. फेरे लेने के तुरंत बाद इनका मैरिज रजिस्ट्रेशन भी कर दिया जाएगा. इसके लिए नगर निगम अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है. सभी सूचनाओं की जानकारी नगर निगम की तरफ से सभी जोड़ों के परिवारीजनों को एसएमएस और फोन के जरिए दी जाएगी. जानकारों के मुताबिक सामूहिक विवाह योजना में नोएडा जैसे फर्जीवाड़ा से बचने के लिए यह नया आदेश जारी किया गया है.

शासन ने जारी किए नए मानक

दरअसल, यूपी के चीफ मिनिस्टर योगी आदित्यनाथ ने गरीब परिवार की लड़कियों के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का ऐलान किया था. विवाह की तैयारी का जिम्मा नगर निगम को मिला है. शासन की तरफ से जारी किए गए निर्देश में तीन नए मानकों के मुताबिक सभी लाभार्थियों से दस्तावेज जुटाने का निर्देश है. सामूहिक विवाह में सीएम के अलावा सांसद, प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री, विधायक व समाज के अन्य प्रतिष्ठित लोगों को भी शिरकत करने की चर्चा है. संभावना जताई जा रही है कि अप्रैल महीने के अंत तक गोरखपुर जनपद में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कराया जा सकता है.

वर्जन..

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत गरीब परिवार के वर-वधू का विवाह होगा. विवाह में सभी दस्तावेज जमा करना अनिवार्य होगा. ताकि पारदर्शिता बनी रहे.

सप्तऋषि, समाज कल्याण अधिकारी, समाज कल्याण विभाग