टोकियो (एपी)। जापान के उप प्रधानमंत्री व वित्त मंत्री तारो एसो ने पहले अपने बयान में कहा था कि देश की घटती आबादी के लिए महिलाएं जिम्मेदार हैं लेकिन जब उनके इस बयान का लोगों ने विरोध शुरू किया तो उन्होंने यह कहते हुए माफी मांगी ली कि निःसंतान लोग देश की घटती जनसंख्या के लिए दोषी हैं। एसो ने मंगलवार को कहा, 'अगर मेरे बयान से कुछ लोगों को बुरा लगा है, तो मैं माफी मांगता हूं और अपने बयान को वापस लेता हूं।' प्रधानमंत्री शिंजो आबे की सरकार में 78 वर्षीय एसो रूढ़िवादी सांसदों में से हैं और ये कई बार बुजुर्गों और निःसंतानों को घटती जनसंख्या के लिए दोषी ठहरा चुके हैं।

आबे के भी नहीं हैं कोई बच्चे
उन्होंने लोगों के बीच कहा, 'कई ऐसे अजीब लोग हैं, जो बुजुर्ग लोगों को घटती जनसंख्या का जिम्मेदार बताते हैं, यह गलत है। समस्या उन लोगों की है, जिनके बच्चे नहीं हैं।' बता दें कि बुजुर्गों और निःसंतानों को लेकर एसो ने 2014 में भी एक टिप्पणी की थी, जिसकी खूब आलोचना हुई थी। खास बात तो यह है कि पीएम आबे के भी कोई बच्चे नहीं हैं और उन्होंने एक इंटरव्यू में यह बात मानी कि महंगाई, ऑफिस में ज्यादा देर तक काम करने और जीवन की अन्य जरुरी चीजों पर ध्यान देने के चलते लोग अपने पार्टनर को समय नहीं दे पाते हैं, जिसके कारण बच्चे पैदा होने की संभावनाएं भी कम हो जाती हैं। साथ ही उन्होंने वादा किया कि वह जापान में लोगों पर काम का बोझ कम करेंगे ताकि वे अपने पार्टनर को टाइम दे सकें।

संख्या में बड़ी गिरावट

हाल ही में जारी हुए सरकारी आंकड़ों में बताया गया कि 2018 में जन्म की संख्या 921,000 तक गिर गई और इस तरह का आकड़ा जापान में 1899 में दर्ज किया गया था। ऐसा अनुमान है कि 2050 तक जापान में संख्या 100 मिलियन से भी नीचे गिर जायेगा।

International News inextlive from World News Desk