- 11 साल की बच्ची ने कहा मेरा संदेश साउथ कोरिया के सैन्य तानाशाह तक पहुंचाइए

- नेपाल में भूकंप त्रासदी के बाद से लोगों को जागरुक करने में जुटी है ये बच्ची

- छोटी सी जया की अपील पर गांवों वालों के अंदर आ चुका है काफी बदलाव

GORAKHPUR: नेपाल में आए भूकंप ने तबाही मचाई. कई दिनों तक इसके ऑफ्टरशॉक्स लोगों को झकझोरते रहे. कुछ दिनों तक त्रासदी पर आंसू बहे, फिर लोग इसे भूलकर रोजमर्रा की जिंदगी में जुट गए. इस खौफनाक मंजर से उठी दर्द भरी चीख ने एक मासूम बच्ची के इरादे बदल दिए. कमजोर कंधों पर बुलंद हौसलों का बीड़ा उठाकर दुनिया को पॉल्यूशन के कहर से बचाने निकल पड़ी. यह कोई और नहीं बल्कि गोरखपुर के राजधानी गांव की जया हैं जो साउथ कोरिया के किम जोंग जैसे तानाशाह को भी मनाने का जज्बा रखती हैं. जया का कहना है कि प्यार से समझाने पर किम जोंग मान जाएंगे. वह परमाणु परीक्षण को रोककर इस ऊर्जा का उपयोग दुनिया को बचाने में कर सकेंगे.

नेपाल भूकंप ने बदला मन

राजधानी गांव के वीरेंद्र विक्रम सिंह खेती-किसानी करते हैं. उनकी पत्नी अनुराधा गृहणी हैं. उनकी तीन संतानों में बड़ा बेटा गजेंद्र प्रताप आठवीं, दूसरे नंबर की बेटी जया सिंह छठवीं और छोटा बेटा गरुण सिंह द्वितीय कक्षा में पढ़ते हैं. 2015 में नेपाल में भूकंप की तबाही का मंजर उसने टीवी पर देखा. तब उसके मन में सवाल उठा कि आखिर भूकंप क्यों आते हैं. इस बीच उसे हॉलीवुड की फिल्म 2012 देखने का मौका मिला. मूवी देखने के बाद मासूम ने ठाना कि वह धरती को बचाने के लिए आगे आएगी. उसने जिद करके पिता ने लाउड हेलर मंगवाया. फिर अकेले ही यह मासूम पॉल्यूशन के खिलाफ लड़ाई में लग गई.

स्कूल जाने से पहले करती है प्रचार

गांव के कान्वेंट स्कूल में पढ़ने वाली जया स्कूल जाने के पहले जागरूकता अभियान चलाता है. सुबह साढ़े पांच बजे वह पिता की बाइक पर सवार होकर इलाके में निकल जाती है. घूम-घूमकर लोगों को पॉल्यूशन रोकने के लिए जागरूक करती है. लोगों को गुड मॉर्निग बोलने वाली मासूम बच्ची की मीठी आवाज लोगों को बरबस अपनी ओर खींच लाती है. आलम यह है कि कई गांव के लोगों ने खुले में नैचुरल कॉल करना बंद कर दिया है. जया की आवाज कानों पहुंचते ही लोग सतर्क हो जाते हैं. इतना ही नहीं उसके अभियान से प्रभावित होकर किसानों ने खेत में डंठल जलाना बंद कर दिया.

विस्फोट से प्रभावित हो रही धरती

मासूम जया का मानना है कि पर्यावरण प्रदूषण नहीं रोका गया तो दुनिया खत्म हो जाएगी. इसके लिए वह साउथ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन जैसे लोगों को बड़ा संदेश देना चाहती है. जया का कहना है कि अंहकार में आकर में घातक हाइड्रोजन और परमाणु बमों का परीक्षण करने वाले किम जोंग उन भी मान जाएंगे. उनको बस एक बार उनको प्यार से समझाने की जरूरत है. क्योंकि बमों के परीक्षण से धरती की प्लेट्स में टूटन आती है जो भूकंप के लिए जिम्मेदार होती है. साथ ही उनसे निकलने वाली किरणें, कार्बन इत्यादि से ओजोन लेयर को खतरा पहुंचता है. जया का मानना है कि ऐसी ताकतों के इस्तेमाल से धरती को नुकसान पहुंचाने वाले उल्का पिंड को नष्ट किया जा सकता है.

यह चाहती है मासूम जया

-परमाणु और हाइड्रोजन बमों का परीक्षण बंद हो.

-भारत सहित सभी देश जनसंख्या नियंत्रण पर कारगर कदम उठाएं.

-हर जगह अधिक से अधिक पौधे लगाए जाएं.

-वॉटर लेवल ठीक रखने के लिए जल संरक्षण किया जाए.

-पॉलीथिन यूज न करें, कचरा इधर- उधर फेंकने से बचें.

-नदियों, ताल-तालाबों का पानी गंदा न करें. उनको पीने लायक बनाया जाए.

-खेतों में डंठल न जलाएं. कार्बन उ‌र्त्सजन को रोका जाए.

-सोलर सिस्टम के उत्पादों का अधिक से अधिक प्रयोग किया जाए

वर्जन

दुनिया को बचाने के लिए मैंने अभियान शुरू किया है. मैं अपनी पढ़ाई के साथ-साथ प्रचार-प्रसार करती हूं. इसमें मेरे पिता का सहयोग मिल रहा है.

-जया सिंह, स्टूडेंट

बेटी ने जिद की तो हम लोग परेशान हो गए. जागरूकता अभियान चलाने के लिए वह पढ़ाई करती है. विभिन्न चीजों को पढ़कर समझने की कोशिश करती है. हम उसके इस काम में मदद कर रहे हैं.

-वीरेंद्र विक्रम सिंह, छात्रा के पिता