क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : राज्य सरकार का आईटी एंड ई-गवर्नेस डिपार्टमेंट ने स्टार्टअप झारखंड को रफ्तार देने के लिए कार्ययोजना तैयार की है. इसके तहत हर साल 100 बेस्ट बिजनेस आइडिया को सेलेक्ट कर उन्हें मॉडल बिजनेस के तौर पर डेवलप किया जाएगा. ऐसे स्टार्ट अप आइडिया को मॉडल कारोबार की शक्ल देने के लिए आईटी डिपार्टमेंट द्वारा केन्द्र को भेजे गए प्रपोजल अब नीति आयोग के पास पास है. नीति आयोग की मुहर लगने के बाद नये आइडिया देने वाले दूरदर्शी सपनों को कारोबारी की शक्ल दी जा सकती है.

स्पेशलिस्ट की ली जाएगी सेवा

स्टार्टअप आइडिया को मॉडल कारोबार के रूप देने के लिये आईआईएम, एक्सएलआरआई और बीआईटी मेसरा के विशेषज्ञों की सेवा ली जाएगी. इसके अलावा कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज की सहमति भी इन्कूबेशन सेंटर खोलने के लिए ली जा चुकी है. अब अलग-अलग फील्ड के स्पेशलिस्ट मिलकर न्यू आइडियाज पर कारोबार खड़ा करने की प्लानिंग बनाएंगे. ये स्पेशलिस्ट ही उस योजना को जमीं पर उतारेंगे.

रांची में खुलेगा इनक्यूबेशन सेंटर

रांची में अटल इनोवेशन मिशन के तहत स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर खोला जाएगा. स्पेशलिस्ट ही इस सेंटर का मैनेजमेंट देखेंगे. इसके अलावा इनक्यूबेशन सेंटर का संरक्षक वैज्ञानिक या मैनेजमेंट गुरु हो सकता है. इसके लिए नामों का एक पैनल तैयार कर नीति आयोग के पास भेजा जा चुका है.

क्या है इनक्यूबेशन सेंटर

स्टार्टअप का मतलब होता है शुरू करना और इनक्यूबेशन का मतलब होता है अंडे देना या ऊष्मा देना. स्टार्टअप किसी नये आइडिया पर कारोबार शुरू करने को कहते हैं. इसके इनक्यूबेशन से तात्पर्य यह है कि उस आइडिया को नवजात बच्चे की तरह संभालकर सहारा देना और उसे कारोबारी मॉडल बनने में मदद करना. स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर में इसी काम को अमलीजामा पहनाया जाता है.