-टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन ने राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ को दिलाया भरोसा

-इंटक के राष्ट्रीय महासचिव राजेंद्र प्रसाद ने ने दी जानकारी

JAMSHEDPUR: टाटा स्टील लिमिटेड की झरिया कोलियरी डिवीजन बंद नहीं होगी. टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन ने राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ को इसका भरोसा दिलाया है. सोमवार को जमशेदपुर पहुंचे इंटक के राष्ट्रीय महासचिव राजेंद्र प्रसाद ने इस मसले पर एमडी टीवी नरेंद्रन से बात करने के बाद स्थिति को स्पष्ट किया. बिष्टुपुर में एक होटल में पत्रकारों से वार्ता के क्रम में राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि झरिया डिवीजन बंद होने के कगार पर पहुंच गई है. इस डिवीजन को बचाने के लिए टाटा स्टील प्रबंधन ने हमें दो लक्ष्य दिए थे. दोनों ही लक्ष्य हमने प्राप्त कर लिए हैं. पहला लक्ष्य उत्पादन लागत कम करना और दूसरा कर्मचारियों की संख्या कम करना. हमने उत्पादन लागत लगभग ख्000 रुपए प्रति टन घटाई. डिवीजन में जुलाई ख्0क्भ् और जनवरी ख्0क्म् में ईएसएस के जरिए एक हजार कर्मचारियों की संख्या भी कम की. इससे खुश होकर एमडी ने झरिया डिवीजन को चालू रखने का भरोसा दिलाया है. राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि एमडी की सकारात्मक पहल के बाद अब यूनियन की भी प्रबंधन को सहयोग की जिम्मेदारी बनती है. वह बहुत जल्द इस विषय को लेकर वीपी एचआरएम सुरेश दत्त त्रिपाठी से वार्ता करेंगे. उम्मीद है कि यहां हालात अच्छे होंगे.

भारतीय कोयले का उपयोग

राजेंद्र सिंह ने भारतीय कोयला खदानों की पैरवी करते हुए कहा कि देश में कोयला बाहर से आता है. पिछले साल बारिश की वजह से कोयले की किल्लत हो गई थी. तब हमारे देश के कोयले से प्लांट चले. हमारी कोशिश रहेगी कि भारतीय कोयले का ही प्लांटों में प्रयोग हो. टाटा स्टील के विकास में रॉ मैटेरियल डिवीजन का अहम योगदान है.

उत्पादकता बढ़ी, लागत घटी

राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ के अध्यक्ष संतोष महतो और महासचिव एसएस जामा ने संयुक्त रूप से जानकारी दी कि झरिया डिवीजन में पहले भ्फ्00 कर्मचारी थे. क्000 लोगों के ईएसएस लेने के बाद वर्तमान में यह संख्या ब्फ्00 हो गई है. डिवीजन की उत्पादन क्षमता म् हजार एमटी प्रति माह है. हम लोगों ने प्रोडक्टिविटी बढ़ाकर कॉस्ट घटाई. पहले जहां उत्पादन लागत क्ख् हजार रुपए प्रति टन थी. अब वह घटकर 9भ्भ्0 रुपए प्रति टन हो गई है.