-चेटी चंड महोत्सव में सिंधु नगर स्थित श्री झूलेलाल मंदिर पर हुआ यज्ञ

-अलवर से आई शहनाई सुबह पांच बजे से सिंधु नगर में घर-घर बजाई गई

बरेली: झूलेलाल जयंती के मौके पर सैटरडे को सिंधी समाज के लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। ट्रेडिशनल ड्रेस पहने लोगों ने पूरे विधि-विधान के साथ झूलेलाल जी महाराज की पूजा-अर्चना की। सुबह से शुरू हुआ प्रोग्राम देर रात तक चलता रहा। सिंधी समाज में झूलेलाल को चेटीचंड लाल साई, उडेरो लाल, अमर लाल जैसे कई नामों से जाना जाता है। झूलेलाल को वरुण देव का अवतार भी माना जाता है।

विधि पूर्वक की पूजा-अर्चन

सुबह नौ बजे से भगवान झूलेलाल की अखंड ज्योति जलाई गई। इसके बाद हवन भी किया गया। जिसमें बारी-बारी से 21 जोड़ों ने आहूति दी। विजय मूलचंदानी ने बताया कि सिंधी समाज के ईष्ट देव ही झूलेलाल अधर्म पर धर्म की जीत के प्रतीक हैं। उन्होंने कट्टरपंथियों को खत्म कर धर्म निरपेक्षता की पहचान दी। ज्ञात हो चेटी चंड महोत्सव चैत्र शुक्ल द्वितीया को मनाया जाता है दोपहर को एक बजे से तीन बजे तक विशाल भंडारे का आयोजन हुआ।

निकाली गई झांकी

इस मौके पर सिंधी समाज के लोगों ने झूलेलाल जी महराज की भव्य झांकी निकाली। शोभायात्रा दोपहर चार बजे सिंधू नगर झूलेलाल मंदिर से शुरू होकर ईसाइयों की पुलिया होते हुए श्यामगंज, शहदाना, ईट पजाया चौराहा, मूर्ति नर्सिग होम, प्रेमनगर चौराहा, रामजानकी मंदिर, शील चौराहा, बांके बिहारी मंदिर, पटेल नगर स्थित झूलेलाल द्वारा पर समाप्त हुई। झांकी में राजस्थान के अलवर से आए शहनाई कलाकारों ने शहनाई की धुन से सबको मंत्र मुग्ध कर दिया। शहनाई की धुन पर लोगों ने जमकर डांडिया डांस किया। नकटिया नदी में अखंड ज्योति का विसर्जन देर शाम हुआ। अखंड ज्योति विसर्जन के समय सैकड़ों की संख्या में सिंधी समाज के लोग मौजूद रहे। वहीं झांकियों पर बरेली मंडल कैमिस्ट वेलफेयर संस्था के साथ कई अन्य संस्थाओं ने भी पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। इस मौके पर सभी ने शत-प्रतिशत मतदान करने का संकल्प लिया।

यह भी रहे मौजूद

शाभोयात्रा में मेयर डॉ। उमेश गौतम, डॉ। प्रमेन्द्र महेश्वरी, रेवा चंद, हरीश खानचंदानी, महेन्द्र टिक्यानी, विजय मूलचंदानी, देवी दास कवलानी, कौशल्या मारवानी, पूनम गंगवानी, विधि इामनानी, डॉ। मुक्ता पागरानी, डॉ। सुनीता पागरानी, पायल टिक्यानी, ललतेश लालवानी, पवन झामनानी, दिलीप केशरवानी, राजकुमार मंसद आदि मौजूद रहे।