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छ्वन्रूस्॥श्वष्ठक्कक्त्र: लौहनगरी में जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमिटी (जेएनएसी) इलाके में चलने वाले खटालों को शहर के बाहर भेजा जाएगा. इससे शहर में होने वाली गंदगी और दुर्गध व मच्छरों से लोगों को निजात मिलेगी. बता दें कि जेएनएसी के अंतर्गत साकची, बिष्टुपुर, सोनारी, कदमा, गोलमुरी, भालूबासा, सिदगोड़ा, लक्ष्मी नगर बर्मामाइंस आदि रिहायसी इलाकों में खटाल चल रहे हैं. जिससे गंदगी और दुर्गध के साथ मच्छर भी पनपते हैं. खटालों के आस-पास रहने वाले लोगों द्वारा लगातार खटालों को बाहर स्थापित करने के लिए प्रशासन से शिकायत की जा रही थी, जिसको देखते हुए इन खटाल को शहर के बाहर स्थापित किया जाएगा. इसके लिए जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया (जेएनएसी) घने इलाकों में चलने वाले खटाल को हटाने का अभियान जल्द चलाएगा. जेएनएसी एकत्र करेगी गोबर

खटालों से निकलने वाले गोबर को संचालक इधर-उधर न फेंककर जेएनएसी द्वारा बनाए गए सेंटर पर डालेंगे. बता दें कि जेएनएसी ने पहले भी कदमा और जुबली पार्क में डंपिंग प्वाइंट बनाया था जहां पर आप आप गीता कचड़ा डाल सकते है. बस्तियो की परिधि के बाहर में स्थित खटालों से नियमित रूप से गोबर संग्रहीत किया जाएगा. बता दे सड़क किनारे गोबर एकत्र करने में बारिश में यही गोबर नालियों के रास्ते नाले में जाता है जिससे नाला जाम की समस्या होती हैं. जेएनएसी अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए जल्द ही टेंडर निकालकर गोबर का नियमित उठाव कराया जाएगा.

खटाल बंद नहीं करने पर कार्रवाई

शहर को साफ सुथरा रखने के लिए जानवरों को शहर के बाहर खुले स्थानों पर विस्थापित किया जाएगा. अधिकारियों ने बताया कि शहर के अंदर चल रहे 39 खटाल संचालकों को लिखित नोटिस जारी कर खटालों को शहर से बाहर करने का आदेश दिया जाएगा. नियत समय पर खटाल न बंद करने पर कार्रवाई भी की जाएगी.

खटाल संचालकों को देना होगा चार्ज

जेएनएसी अधिकारियों ने बताया कि गोबर संग्रहीत करने वाली एजेंसी इसके लिए खटाल संचालक से गोबर ले जाने का चार्ज वसूल करेगी. उन्होंने बताया कि इस गोबर का प्रयोग कंपोस्ट खाद के रूप में किया जाएगा. जिससे सरकारी और प्राइवेट विभाग के पौधों को खाद मिल सकेगी. इसके लिए टेंडर कराये जाएगें. अधिकारियों ने बताया कि गोबर उठाने का चार्ज जानवरों की संख्या और दूरी के हिसाब से किया जाएगा.

समय से भुगतान न करने पर होगी कार्रवाई

शहर से खटाल हटाने की नई व्यवस्था के तहत जेएनएसी शहर के बाहर सरकारी जमीन पर डंपिंग यार्ड बनाएगी. जहां पर शहर भर का गोबर एकत्र होगा. अधिकारियों का मानना है कि इस गोबर का प्रयोग मीथेन बनाने या कमपोस्ट खाद बनाने के रूप में किया जा सकता है. गोबर डंप करने के लिए दो से तीन दर्जन गड्ढों का निर्माण किया जाएगा कि जिससे गोबर को सूखने का प्रर्याप्त समय मिल सके. अधिकारियों ने बताया कि यदि खटाल संचालकों द्वारा समय से चार्ज न देने पर जेएनएसी उनपर कार्रवाई करेगा.

शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए शहर के रिहायसी इलाकों से खटालों का संचालन पूरी तरह बंद होगा. जेएनएसी के अंतर्गत आने वाले सभी खटाल संचालकों को लिखित नोटिस देकर खटाल हटाने का निर्देश दिया जाएगा. अगर कोई संचालक खटाल नहीं हटाता है तो उसपर कार्रवाई की जाएगी.

संजय पांडे, स्पेशल ऑफिसर, जेएनएसी