-बुधवार को घटी दो घटनाएं, दोनों घटनाओं में दिखी जूनियर डॉक्टर्स की दादागिरी

-पीडि़तों ने गुलरिहा थाने में दी तहरीर, पुलिस ने नहीं दर्ज किया केस

GORAKHPUR: बीआरडी मेडिकल कॉलेज के सर्जिकल वार्ड में मारपीट का मामला अभी ठंडा नहीं पड़ा था कि जूनियर डॉक्टर्स ने बच्चे का इलाज कराने पहुंची महिला और उसके दो बच्चों को पीट दिया. यही नहीं शाम को जूनियर डॉक्टर्स ने कैंपस में शिक्षक आवास के पास बाइक सवार को पीटकर उसके पास रखे दस हजार रुपये भी लूट लिए. दोनों ही मामलों में पीडि़तों ने पुलिस को तहरीर दी. पुलिस ने दोनों मामलों में केस दर्ज नहीं किया.

डॉक्टर की पिटाई से बेहोश हुई महिला

बुधवार को जूनियर डॉक्टर्स की दादागिरी की पहली घटना बाल रोग विभाग की ओपीडी में हुई. देवरिया की रहने वाली सरोज देवी अपने पुत्र दस वर्षीय अमन और छह वर्षीय भोला को लेकर ओपीडी में इलाज कराने पहुंची. पुलिस को दिए तहरीर में सरोज ने बताया कि दोनों बच्चों की तबीयत लंबे समय से खराब है. आज जब वो दोबारा इलाज कराने पहुंची तो ओपीडी में मौजूद जूनियर डॉक्टर ने बच्चों का इलाज करने से इनकार कर दिया. पूछने पर डॉक्टर ने पहले तो गाली दी फिर पीट दिया. वे डॉक्टर की पिटाई से बेहोश हो गई. दोनों बच्चे रोने लगे. डॉक्टर्स ने उन्हें भी नहीं बख्शा. डॉक्टर्स ने पीटने का कारण भी नहीं बताया. मामला बिगड़ता देख वहां दूसरे डॉक्टर्स पहुंचे. उन्होंने दोनों मासूमों का इलाज किया. इसके बाद वह दोनों मासूमों को लेकर थाने पर डॉक्टर की शिकायत करने पहुंची. जहां पुलिस ने तहरीर लेकर उसे रवाना कर दिया.

पुलिसकर्मी के बेटे से लूट लिए रुपये

बालरोग विभाग की घटना के चार घंटे बाद ही जूनियर डॉक्टर्स की गुंडई का एक और मामला सामने आ गया. दो बाइक पर सवार आधा दर्जन जूनियर डॉक्टर्स ने कैंपस में स्थित शिक्षक आवास के पास बाइक सवार युवक को पीटा और दस हजार रुपये जबरन छीन लिए. घटना पूर्व प्रिंसिपल डॉ. ललित मोहन के आवास के पास हुई. चिलुआताल निवासी पुलिस कर्मी के पुत्र विवेक कुमार ने पुलिस को दिए तहरीर में बताया कि वह जरूरी सामान खरीदने जा रहा था. पूर्व प्राचार्य के आवास के पास दो बाइक पर सवार छह डॉक्टर्स ने तेज रफ्तार से ओवरटेक किया. जिसके कारण वो गिरने से बचा. इसके बाद उन्हें सही से बाइक चलाने की नसीहत दी. जूनियर डॉक्टर्स को यह नागवार लगा. इसके बाद वह पीटने लगे और जेब में रखा 10 हजार रुपये ले लिए. बाद में बाइक की चाभी फेंककर डॉक्टर जान से मारने की धमकी देते हुए चले गए. पीडि़त ने इस मामले में आधा दर्जन जूनियर डॉक्टर्स के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी.

वर्जन

मैं अभी बालरोग विभाग के एचओडी के साथ बैठक किया हूं. उन्होंने इसका जिक्र नहीं किया. अब जूनियर डॉक्टर पीट दें तो मै क्या कर सकता हूं.

डॉ. गणेश कुमार, प्रिंसिपल बीआरडी मेडिकल कॉलेज

यह गंभीर मामला है. यदि जूनियर डॉक्टर्स तीमारदारों के साथ ऐसा कर रहे हैं तो गलत है. मामला दर्ज कर पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी.

शलभ माथुर, एसएसपी गोरखपुर