- कैबिनेट ने बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने को लिया फैसला

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LUCKNOW :

कैबिनेट ने प्रदेश के छह राजकीय मेडिकल कॉलेजों में नॉन पीजी जूनियर रेजीडेंट के 484 अतिरिक्त पद सृजित करने का निर्णय लिया है ताकि मरीजों को आसानी से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा सकें. राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि गोरखपुर, आगरा, झांसी, कानपुर, इलाहाबाद और मेरठ के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में फिलहाल नॉन पीजी जूनियर रेजीडेंट के 104 पद हैं. जिसकी वजह से मरीजों को इलाज मिलने में कठिनाई होती है. इसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने 484 अतिरिक्त पद सृजित करने का निर्णय लिया है. इसमें राज्य सरकार को करीब 36.59 करोड़ रुपये का व्ययभार आएगा.

पीडब्ल्यूडी मुख्यालय में बनेगी पार्किंग लॉट

कैबिनेट ने राजधानी स्थित पीडब्ल्यूडी मुख्यालय में कार्यालय प्रमुख अभियंता के जर्जर हो चुके बीस सर्वेट क्वार्टर को ध्वस्त कर वहां पर पार्किंग लॉट बनाने का निर्णय लिया है. जल्द ही पार्किंग लॉट बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा तत्पश्चात निविदा के जरिए कार्यदायी संस्था का चयन किया जाएगा. इस जगह पार्किंग लॉट बनने से राजभवन और उसके आसपास लगने वाला गाडि़यों का जमावड़ा खत्म होगा और जाम से मुक्ति मिल सकेगी.

राइट्स बनाएगा गोरखपुर मेट्रो की डीपीआर

गोरखपुर नगर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए कैबिनेट ने मेट्रो रेल के संचालन के लिए फिजीबिलिटी रिपोर्ट और डीपीआर बनाने के लिए केंद्र सरकार की संस्था राइट्स को नामित किया है. अब राइट्स इसका कंप्रेहेंसिव मोबिलिटी प्लान बनाकर राज्य सरकार को देगी. कैबिनेट ने इसकी मंजूरी प्रदान कर दी है.

लोक सेवा आयोग ही करेगा भर्तियां

उप्र सिविल जज जूनियर डिवीजन की भर्तियां राज्य लोक सेवा आयोग के जरिए ही होगी. कैबिनेट ने हाईकोर्ट द्वारा भर्तियां कराए जाने के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया है. मालूम हो कि विगत 10 जनवरी 2018 को हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को इस बाबत पत्र भेजा था. कैबिनेट ने तय किया है कि भर्तियां आयोग के जरिए ही होंगी.

तीन साल तक ब्याज देगी सरकार

कैबिनेट ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामोद्योग योजना के तहत शिक्षित ग्रामीण युवाओं को स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से उन्हें स्वरोजगार शुरू करने के लिए 25 लाख रुपये के लोन पर तीन साल तक ब्याज देने का फैसला लिया है. इससे राज्य सरकार पर करीब 45.52 करोड़ रुपये का व्ययभार आएगा.

शीरा के अवैध व्यापार पर सरकार सख्त

कैबिनेट ने शीरा के अवैध व्यापार को रोकने के लिए उप्र शीरा नियंत्रक अधिनियम 1964 में अध्यादेश के माध्यम से कुछ धाराओं में संशोधन करने का निर्णय लिया है. संशोधन के बाद अवैध व्यापार करने पर दो हजार रुपये के बजाय एक लाख रुपये का जुर्माना, एक साल की सजा अथवा दोनों और नहीं सुधरने पर सौ रुपये के बजाय पांच हजार रुपये रोजाना जुर्माना लिया जाएगा. साथ ही अवैध परिवहन करने वाली गाड़ी को भी जब्त कर लिया जाएगा.