पहले भी निशाने पर रहा है काबुल
काबुल (रॉयटर्स)।
काबुल पहले से ही आतंकियों के निशाने पर रहा है। जनवरी में हुए हमले में करीब 100 लोगों की जान चली गई थी। सरकार ने भरोसा दिलाया था कि वह सुरक्षा के पुख्‍ता इंतजाम करेगी। इसके बावजूद आतंकी हमलावर अपने नापाक मंसूबों में कामयाब हो गया। अमाक न्‍यूज एजेंसी के अनुसार, काहिरा में आतंकी संगठन आईएसआईएस ने इस हमले की जिम्‍मेदारी ली है। शियाओं को निशाने पर लेते हुए पहले हो चुके हमले की जिम्‍मेदारी इसी आतंकी संगठन से जुड़ा एक गुट ले चुका है।

कर्त-ए सखी के पास हुआ धमाका
नवरोज के मौके पर काबुल शहर पहले से ही अलर्ट पर था। इसके बावजूद आतंकी आत्‍मघाती हमले को अंजाम देने में नाकाम हो गया। धमाका उस वक्‍त हुआ जब लोग शहर के पश्चिमी इलाके में स्थित कर्त-ए सखी धर्मस्थल से बाहर निकल रहे थे। मौके पर मौजूद एक प्रत्‍यक्षदर्शी सईद उमर ने कहा कि वहां एक बड़ा विस्‍फोट हुआ। लोग बदहवास इधर-उधर भाग रहे थे। उमर मेन यूनिवर्सिटी के पास ही मौजूद था।
काबुल में शिया धर्मस्थल के पास आत्‍मघाती हमलावर ने खुद को उड़ाया,26 लोगों की मौत

अचानक हमले में कम उम्र के पुरुष

आंतरिक मंत्रालय के प्रवक्‍ता नजीब दानिश ने कहा कि हमलावर श्राईन में घुसकर विस्‍फोट करना चाहता था। पहले भी इसे आतंकी निशाने पर ले चुके हैं। लेकिन पुलिस चेक नाकेबंदी के कारण वे अपने नापाक मंसूबों को अंजाम देने में नाकाम रहे। हमने श्राईन के आसपास पुख्‍ता सुरक्षा व्‍यवस्‍था का बंदोबस्‍त किया था। हताहत लोगों में कम उम्र के पुरुष थे। नवरोज के मौके पर लोग सड़क पार कर रहे थे तभी अचानक विस्‍फोट हो गया।

26 लोगों की मौत, 18 हो गए घायल
आंतरिक मंत्रालय में उप प्रवक्‍ता नसरत रहीमी ने कहा कि हमले में कम से कम 26 लोग मारे गए हैं और 18 लोग घायल हो गए। काबुल की मेन ट्रामा हॉस्पिटल का संचालान करने वाली इटेलियन एड ग्रुप इमरजेंसी की ओर से कहा गया है कि यहां 7 लोगों को लाया गया। इनमें से 3 की पहुंचते ही मौत हो गई। अफगानिस्‍तान के कई इलाकों में नवरोज मनाने की प्राचीन परंपरा है। इस उत्‍सव को मुस्लिम कट्टरपंथियों का भी विरोध झेलना पड़ता है। वे इसे गैर इस्‍लामिक बताते हैं।

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