फ्लैग : तीन सदस्यीय टीम ने जांच अपनी जांच रिपोर्ट कमिश्नर को सौंपी

- निरीक्षण के बाद टीम ने खामियां दूर करने के लिए दिए कुछ सजेशन

- सांड़ों द्वारा कुछ बछड़ों को मार देने के बाद केंद्रीय मंत्री ने कान्हा उपवन पर उठाए थे सवाल

BAREILLY :

गोवंश के संरक्षण के लिए नगर निगम ने जिस कान्हा पशु आश्रय को खोला था, उसकी जांच रिपोर्ट कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने शासन को भेज दी है. कमिश्नर का कहना है कि फ्राइडे को जांच रिपोर्ट को ओपन कर दिया जाएगा. सांडों द्वारा कई बछड़ों को मार डालने और केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी द्वारा पशु आश्रय गृह पर सवाल खड़े करने के बाद कमिश्नर ने तीन सदस्यीय जांच टीम को वेडनसडे शाम कान्हा पशु आश्रय गृह भेजा था. इस टीम को वहां कई खमियां भी मिलीं, जिनको दूर करने के लिए कुछ सुझाव भी दिए गए हैं. इससे पता चलता है कि नगर विकास मंत्री के सामने नंबर बढ़ाने के लिए उनसे आधे-अधूरे पशु आश्रय गृह का उद्घाटन करा लिया गया.

आश्रय में मिले कुल 88 पशु

कान्हा पशु आश्रय की जांच करने पहुंची टीम ने कमिश्नर को लिखे लेटर में कहा कि जांच में कुल 88 पशु मिले. इनमें से 24 बछड़े, 12 बछिया, 36 गाय, 8 सांड और तीन घायल गायें मिलीं. जांच के दौरान आश्रय के संचालक संजीव गौड़ ने बताया था कि 1 दिसम्बर को गांव वालों ने एक सांड़ पशु आश्रय गृह में छोड़ दिया था. खूंखार होने की वजह से उसने उसी रात एक बछड़े को मार दिया था.

जांच टीम के सुझाव

जांच करने पहुंची टीम ने अपनी रिपोर्ट में कुछ सजेशन भी दिए है. जिसमें उन्होने कहा है कि उपवन में ये सुविधाएं होना जरूरी है.

- उपवन में मेल और फ मेल पशुओं के लिए अलग-अलग बाड़े की व्यवस्था हो.

- बीमार और घायल पशुओं को अलग अलग स्थान पर रखा जाए.

- पशु के इलाज के लिए निश्चित जहग की जानी चाहिए

- प्रग्नेंट पशुओं को एकदम अलग स्थान होना चाहिए

- इलाज के लिए डिस्पेंशनरी और एक डॉक्टर भी रखा जाए.

- पशुओं के आंकड़े रखने के लिए व्यवस्था होनी चाहिए.

- सांड़ों को अलग रखने की व्यवस्था होनी चाहिए.

- गेट पर चौकी और सीसीटीवी की भी व्यवस्था होनी चाहिए.

- गौशाला के पीछे नाली की व्यवस्था होना भी अनिवार्य

- जानवरों को ठंड से बचाने के लिए बाड़े के ऊपर त्रिपाल की भी व्यवस्था हो.

- जानवरों को चढ़ाने और उतारने के लिए प्लेटफार्म की भी व्यवस्था होनी चाहिए

30 नवम्बर को हुआ था उददघाटन

दरअसल कान्हा पशु आश्रय का 30 नवम्बर को नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने बढ़ी धूमधाम से कान्हा पशु आश्रय का उददघाटन किया था. उसकी जमकर तारीफ भी की थी, लेकिन उपवन शुरु होने के पांच दिन के भीतर ही उसकी पूरी पोल खुल गई. जांच करने पहुंची टीम को उपवन में कई कमियां मिली.

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वर्जन

जांच रिपोर्ट को शासन के लिए भेज दिया गया है. फ्राइडे के लिए उसे ओपन भी कर दिया जाएगा.

रणवीर प्रसाद, कमिश्नर