8 महीनों में 54 मामले अपहरण के हो चुके हैं दर्ज

देहली गेट थाने में सबसे कम महज चार मामले ही हुए हैं दर्ज

सबसे ज्यादा अपहरण के मामले

कंकरखेड़ा

54

टीपी नगर

34

लिसाड़ी गेट

34

भावनपुर

26

परतापुर

28

खरखौदा

28

देहली गेट

4

Meerut. तकरीबन सवा पांच लाख की आबादी वाला कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र युवतियों व महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं है. पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक जिले में सबसे ज्यादा युवतियों व महिलाओं के अपहरण के मामले कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में दर्ज किए गए हैं. यही नहीं कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में बीते आठ महीनों में 215 युवतियों के साथ दुष्कर्म व गैंगरेप के मुकदमे व 15 मुकदमे छेड़खानी व लूट के दर्ज हुए है. इस बाबत एसएसपी अखिलेश कुमार ने कहाकि कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में आठ महीनों में 54 मुकदमे अपहरण के दर्ज हैं, जिनकी गंभीरता से जांच की जा रही है.

लिसाड़ी गेट भी पीछे नहीं

दूसरी ओर शहर के बीचोंबीच टीपी नगर व लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र भी युवतियों के लिए सुरक्षित नहीं है. आंकड़ों के मुताबिक 1 जनवरी 2018 से अब तक टीपी नगर थाने में 34 मामले युवतियों के अपहरण के दर्ज किए गए हैं. वहीं लिसाड़ी गेट में भी युवतियों के अपहरण के 34 मामले ही दर्ज हुए हैं. इसके अलावा भावनपुर में 26 व परतापुर व खरखौदा में 28 मुकदमें अपहरण के दर्ज हुए है.

वीआईपी क्षेत्र है कंकरखेड़ा

कंकरखेड़ा क्षेत्र में करीब 25 से ज्यादा आवासीय कॉलोनी हैं, इस क्षेत्र में कई नामी इंजीनियरिंग कॉलेज, हास्पिटल व अन्य सीबीएसई स्कूल व यूपी बोर्ड के स्कूल व कई संस्थान है. इसी थाने में करीब आठ महीनों में 54 मुकदमे अपहरण के दर्ज हो चुके है. वहीं, लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र में 21 युवतियों के साथ दुष्कर्म के मामले दर्ज कराए गए हैं, जबकि 38 मुकदमे छेड़खानी के हैं.

सबसे सेफ है देहली गेट

पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक शहर में सबसे ज्यादा देहली गेट थाना क्षेत्र सेफ है. यहां पर पिछले 8 महीने में सिर्फ 4 अपहरण के मामले सामने आए है. चार ही मामले दुष्कर्म के दर्ज हुए है. चूंकि यहां भी ज्यादा क्षेत्र मिश्रित आबादी से बसा हुआ है.