-केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत कैशलेस इलाज कराना हो गया है अब और भी आसान

-30 रुपए देकर लोकवाणी केंद्र से भी बनवा सकेंगे गोल्डन कार्ड, लाभार्थियों की पहचान की तिहरी व्यवस्था लागू

-आयुष्मान योजना में एक दर्जन के करीब सरकारी हॉस्पिटल्स के साथ 64 प्राइवेट हॉस्पिटल्स भी जुड़ चुके

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KANPUR: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना के तहत कैशलेस इलाज कराना अब और भी आसान हो गया है. सरकारी अस्पतालों में लाभार्थियों के इलाज में उपकरणों व दवा की खरीद को लेकर जो दिक्कतें आ रही थीं, उन्हें भी सही कर लिया गया है. मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में जहां सारी दवाएं व उपकरण अमृत फार्मेसी से खरीदे जाएंगे. वहीं इस योजना में लाभार्थियों की पहचान के लिए भी विकल्प अब बढ़ गए हैं. अब लोकवाणी केंद्रों पर भी लाभार्थी गोल्डन कार्ड बनवा सकते हैं. इसके लिए लाभार्थी को 30 रुपए का भुगतान करना होगा. जिसमें उन्हें लैमिनेटेड गोल्डन कार्ड मिल जाएगा.

223 लाभार्थी आए,91 का क्लेम सबमिट

इस साल सितंबर में आयुष्मान भारत योजना लागू होने के बाद से 6 दिसंबर तक कानपुर में 223 लाभार्थियों ने इस योजना के तहत इलाज कराया. इसमें 142 के ऑपरेशन भी हुए जिसमें से 91 के क्लेम सबमिट हुए. कानपुर में एलएलआर हॉस्पिटल में सबसे ज्यादा 50 मरीज आए. इसके अलावा उर्सला में 39 और चौबेपुर सीएचसी में 23 लाभार्थियों का इलाज हुआ.

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7 नंबर है कानपुर प्रदेश में कैशलेस इलाज के मामले में

10 से ज्यादा सरकारी हॉस्पिटल और सीएचसी में इलाज

64 प्राइवेट हॉस्पिटल्स भी आयुष्मान योजना से जुड़ चुके

223 लाभार्थियों ने योजना के तहत अब तक इलाज कराया

142 के ऑपरेशन हुए जिसमें से 91 के क्लेम सबमिट हुए.

50 मरीज सबसे ज्यादा एलएलआर हॉस्पिटल में आए

39 मरीज आयुष्मान योजना के तहत उर्सला में भी पहुंचे

23 लाभार्थियों का इलाज चौबेपुर सीएचसी में किया गया

होम्योपैथिक व आयुर्वेदिक इलाज भी मिलेगा

आयुष्मान योजना के तहत अभी तक एलोपैथिक इलाज की सुविधा ही मिलती थी,लेकिन अब इसमें आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी, नेचुरोपैथी चिकित्सा पद्धतियों को भी शामिल किया जाएगा. पूर्व क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ.निरंकार गोयल के मुताबिक केंद्र सरकार की ओर से इस बाबत एक समिति का गठन किया गया है. जिसके तहत इन पद्धतियों में इलाज के पैकेज तैयार करने का काम चल रहा है. इसमें भी लाभार्थियों को 5 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज मिलने की सुविधा हो सकती है.

इतने लाभार्थी

शहरी क्षेत्र- 95000

ग्रामीण क्षेत्र-1,10,000

इन अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा-

सरकारी-

एलएलआर एंड एसोसिएटेड हॉस्पिटल्स ,एलपीएस इंस्टीटयूट ऑफ कार्डियोलॉजी, जेके कैंसर इंस्टीटयूट,उर्सला, डफरिन, केपीएम, कांशीराम अस्पताल व सभी सीएचसी में.

प्राइवेट-

चांदनी हॉस्पिटल,मधुलोक हॉस्पिटल,अनुराग हॉस्पिटल,मेहरोत्रा ईएनटी हॉस्पिटल,राजाराम हॉस्पिटल,धनवंतरी सुपरस्पेशिएलिटी,गायत्री मिशन, न्यू कबीरा, राजरानी, आस्था हेल्थ सेंटर, फार्चून हॉस्पिटल, शर्मा नर्सिंग होम, टोरल हॉस्पिटल, डॉ.जेएल रोहतगी जनरल हॉस्पिटल,शांति सर्जिकल क्लीनिक, रामा हॉस्पिटल, मंगला मल्टीस्पेशिएलिटी हॉस्पिटल,न्यू सेवाधाम हॉस्पिटल,प्रशांत नर्सिगहोम, भार्गवा मेडिकल एंड ट्रामा सेंटर, द्विवेदी हॉस्पिटल,संजीवनी, आरके देवी मेमोरियल हॉस्पिटल, सरोजनी मेडिकल सेंटर, सत्या ट्रामा एंड मेटरनिटी सेंटर, रामा हास्पिटल, महावीर हॉस्पिटल,स्वरूप सर्जिकल नर्सिग होम, इमरॉल्ड हॉस्पिटल,फैमिली हॉस्पिटल, मातृछाया मेडिकल एंड ट्रामा सेंटर, पीपीएम मेडिकल रिसर्च सेंटर, एसडी हॉस्पिटल,श्रीराम नर्सिग होम,रायल कैंसर इंस्टीटयूट,श्री जयराम हॉस्पिटल,परिहार नर्सिगहोम, राही मेडिकल सेंटर, रक्षा हॉस्पिटल, सरल नर्सिगहोम,सूर्या हॉस्पिटल,द ओरियेंट हॉस्पिटल,आर्शीवाद हॉस्पिटल,अभिषेक हॉस्पिटल, अक्ष हॉस्पिटल,ऐपेक्स हॉस्पिटल, इमरजेंसी हॉस्पिटल,जीटीबी हॉस्पिटल,लक्ष्य हॉस्पिटल,लाइफट्रान हॉस्पिटल,न्यू लीलामणी हॉस्पिटल,रतनदीप हॉस्पिटल, ब्लिस हॉस्पिटल,तुलसी हॉस्पिटल, उदय नर्सिग होम, कृष्णा सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल.

नेत्रराेग अस्पताल-

आईक्यू विजन,आक्षी हाई केयर सेंटर,शंकरा आई हॉस्पिटल,डॉ.जेएल रोहतगी आई हॉस्पिटल,दीप आई एंड हेल्थ केयर,एएसजी हॉस्पिटल,ऊषा नेत्रालय

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वर्जन-

इस योजना के तहत लाभार्थियों के इलाज के मामले में कानपुर प्रदेश में सातवें नंबर पर आया है. कुछ समय के लिए क्लेम रुकने की प्रॉब्लम आई थी,लेकिन अब क्लेम फिर से मिलने लगा है.

- डॉ.अशोक शुक्ला, सीएमओ, कानपुर नगर