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KANPUR: सल्फास खाकर जान देने का प्रयास करने वाले आईपीएस सुरेंद्र दास की हालत में 24 घंटे से ज्यादा वक्त बीतने के बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ है। मुंबई से आई डॉक्टर्स की टीम व इकोमो मशीन लगाने का भी कोई खास असर नहीं हुआ है। गुरुवार शाम को रीजेंसी हॉस्पिटल की ओर से एक और हेल्थ बुलेटिन जारी किया गया। जिसमें आईपीएस की हालत में सुधार नहीं होने की बात कही गई। साथ ही किडनी पर जहर के असर की वजह से डॉक्टर्स ने डायलिसिस भी किया।

डॉक्‍टरों का कहना, 72 घंटे तक ऑब्जर्वेशन जरूरी
आईपीएस सुरेंद्र दास ने 25 ग्राम सल्फास खाया है। डॉक्टर्स के मुताबिक यह मात्रा काफी ज्यादा है। इस तरह के जहर के शरीर पर प्रभाव को लेकर जब मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ। बृजेश कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जहर खाने के बाद सबसे पहला असर किडनी और लीवर पर पड़ता है। जहर का बॉडी पर बहुत तेज रिएक्शन दिखता है। इस दौरान फास्फीन गैस भी बनती है। जोकि मरीज के रेस्पेरेटरी सिस्टम पर प्रभाव डालती है। जहर खाने वाले को सांस लेने व हार्ट में प्रॉब्लम होती है। आमतौर पर ऐसे मरीजों को 72 घंटे तक ऑब्जर्वेशन पर रखा जाता है। इस दौरान स्टेप बाई स्टेप ट्रीटमेंट के जरिए जहर के प्रभाव को कम करने की कोशिश की जाती है।

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अभी भी हार्ट लंग मशीन पर हैं सुरेंद्र दास
रीजेंसी हॉस्पिटल के सीएमएस डॉ। राजेश अग्रवाल ने बताया कि आईसीयू में आईपीएस सुरेंद्र दास को अभी भी हार्ट लंग मशीन पर ही है। लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर होने के बाद भी हालत अभी क्रिटिकल है। जहर का किडनी पर प्रभाव पड़ता ही है। इसलिए उनकी डायलिसिस भी की गई।

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