- 2 लाख टैक्सपेयर्स बढ़ने के बावजूद टैक्स हो गया कम, फाइनेंशियल ईयर 2018-19 में 1404 करोड़ रुपए दिया टैक्स

- कानपुर की टॉप-5 टैक्सपेयर्स कंपनियों के टैक्स में आई गिरावट, कम टैक्स देने वालों की इंकम टैक्स करेगी जांच

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KANPUR : फाइनेंसियल ईयर 2018-19 में कानपुराइट्स ने कम टैक्स अदा किया। कानपुर के लोगों ने इस बार सिर्फ 1404.90 करोड़ का टैक्स ही दिया है, जबकि पिछले फाइनेंशियल ईयर में यह 1548.10 करोड़ रुपए था। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर प्रमोद कुमार गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि इंडिविजुअल टैक्स के मुकाबले कॉरपोरेट टैक्स में भी काफी गिरावट आई है। यह आलम तब है जब शहर में 2,02,113 लाख टैक्सपेयर्स ईयर 2018-19 में बढ़े हैं। कानपुर में टोटल टैक्सपेयर्स की संख्या अब 14,51,548 हो चुकी है।

कराई जाएगी जांच

प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर के मुताबिक टैक्सपेयर्स बढ़ने के बाद भी टैक्स कलेक्शन में गिरावट क्यों आई है। इसमें उन लोगों की जांच कराई जाएगी, जिन्होंने ईयर 2017-18 में अधिक टैक्स जमा किया और 2018-19 में आधे से भी कम टैक्स जमा किया। इसमें कानपुर की टॉप-5 कंपनीज को भी जांच में शामिल किया गया है। अधिकारी कंपनियों के रिकॉर्ड के साथ ही टैक्स कम जमा करने की वजहों को खंगालेंगे। वहीं एजूकेशनल इंस्टीट्यूट, एनजीओ को दी जाने वाली छूट की भी जांच कराई जाएगी। इसे सेंट्रल एक्शन प्लान में शामिल किया गया है।

91 जगहों पर सर्वे में मिले करोड़ों

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने छापेमारी और औचक निरीक्षण में 160 करोड़ का टैक्स कलेक्शन किया है। कंपनी के स्टॉक और कागजों में गड़बड़ी के बाद कंपनी ओनर ने ही खुद ही यह रुपए सरेंडर किए हैं। वहीं नोएडा अथॉरिटी से 600 करोड़ रुपए वसूले गए हैं। अथॉरिटी ने सीएसआर के नाम पर कारोबार में पैसा इन्वेस्ट करने पर यह डिपार्टमेंट द्वारा यह टैक्स वसूला गया है।

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जमीन खरीदने में कैश वाले राडार में

प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर ने बताया कि इस फाइनेंशियल ईयर में वह लोग राडार पर हैं, जिन्होंने जमीन खरीदने में 20 हजार रुपए से ज्यादा कैश का लेनदेन किया है। उनको कैश की रकम पर उतना ही जुर्माना लगाया जाएगा। ऐसे लोगों की लिस्ट खंगाली जा रही है।

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रीजन में आए नंबर-1

कम टैक्स कलेक्शन के बावजूद कानपुर रीजन ने देश में टैक्स कलेक्शन में पहला स्थान हासिल किया है। कानपुर रीजन में टोटल टैक्स कलेक्शन 29,099 करोड़ का हुआ है, जबकि टारगेट 28,855 करोड़ का था। जो पिछले फाइनेंशियल की तुलना में 22.08 परसेंट ज्यादा है। जबकि देश में टैक्स का टारगेट 12 लाख करोड़ था, जिसमें 11.18 लाख करोड़ टैक्स सरकारी खजाने में जमा हुआ।

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कानपुर की टॉप-5 कंपनीज

कंपनी 2017-18 में टैक्स 2018-19 में टैक्स दिया

आरएसपीएल 134 करोड़ 70 करोड़

लोहिया स्टारलिंगर 55 करोड़ 45 करोड़

मिर्जा इंटरनेशनल 38 करोड़ 30 करोड़

सीयूजीएल 22.50 करोड़ 21 करोड़

कोठारी प्रोडक्ट्स 19.50 करोड़ 3.75 करोड़

केयर डिटर्जेट्स 12.7 करोड़ 10.20 करोड़

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टीडीएस में पकड़ा गया खेल

कानपुर रीजन में टीडीएस का कुल कलेक्शन 13,683 करोड़ का है। इसमें 3,000 करोड़ टीडीएस कलेक्शन कंपनियों द्वारा किए जा रहे फर्जीवाड़े से पकड़ा गया है। प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर के मुताबिक पुख्ता सूचना के बाद उत्तराखंड और यूपी में कई कंपनियों की जांच की गई, जिसमें टीडीएस नहीं जमा किया जा रहा था। इसमें सबसे ज्यादा कमियां सरकारी कंपनियों में की जा रही थी। इसके अलावा पंचायती राज अधिकारी भी बिलों में टीडीएस नहीं काटते हैं। इसकी भी जांच कराई जा रही है।

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आंकड़ों में टैक्स कलेक्शन

-कानपुर रीजन का टोटल टैक्स कलेक्शन- 29,099 करोड़

-टोटल टैक्स कलेक्शन का टारगेट-28,855 करोड़

-रीजन का इंडिविजुअल टैक्स-10,755 करोड़

-इंडिविजुअल टैक्स का टारगेट दिया गया था-13,000 करोड़

-रीजन में टीडीएस का टोटल कलेक्शन-9,498 करोड़

- कानपुर का कारपोरेट टैक्स कलेक्शन 1050 करोड़

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