-विजय नगर व बड़ा चौराहा पर स्टॉप लाइन में हुए तीन लाख से अधिक ई- चालान पड़े हैं डंप

-300 रुपए जुर्माना हर वाहन मालिक को होगा भरना, कई वाहनों का पांच से अधिक बार चालान

- चालान पोस्ट करने के लिए बजट का हो रहा इंतजार, बजट मिलते ही भेज दिए जाएंगे चालान

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kanpur. शुक्र मनाइए की अभी आईटीएमएस के अंतर्गत स्टाप लाइन पर हुए ई-चालान पोस्ट नहीं किए गए हैं. तीन लाख से अधिक चालान का यह पिटारा अगर खुला तो दर्जनों लोगों के डीएल सस्पेंड होना तय है साथ ही जुर्माने के तौर पर करीब 10 करोड़ रुपए कानपुराइट्स को भरने पड़ेंगें. ट्रैफिक कंट्रोल रूम सूत्रों के मुताबिक अभी तक कम से कम 50 से अधिक वाहन ऐसे सामने आ चुके हैं. जिनका चालान तीन या इससे अधिक बार हो चुका है. जो वाहन चालक के डीएल सस्पेंड की वजह बनेगी. साथ ही स्टॉप लाइन क्रॉस करने के लिए वाहन मालिक को 300 रुपए जुर्माना अदा करना पड़ेगा.

तीन लाख से अधिक चालान स्टोर

आईटीएमएस ऑपरेटर्स के मुताबिक शहर के दो चौराहे विजय नगर व बड़ा चौराहों पर इन तीन माह में स्टॉप लाइन में तीन लाख से अधिक ई-चालान हो चुके हैं. इन चालान को पोस्ट करने का बजट न मिलने के कारण अभी इन्हें खोला नहीं गया है. बजट मिलते ही इनको भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी. एआरटीओ प्रभात पांडेय के मुताबिक तीन बार से अधिक एक ही रूल तोड़ने के लिए चालान होने पर वाहन चालक का डीएल छह माह के लिए सस्पेंड करने का नियम है. जिसके बाद चालक को नया डीएल बनवाने के लिए छह माह का इंतजार करना होगा. छह माह के बाद चालक को डीएल बनाने के लिए आरटीओ में आवेदन करना होगा.

तीन से अधिक चालान वालों के 50 से अधिक संख्या

आईटीएमएस ऑपरेटर्स के मुताबिक तीन माह में विजय नगर व बड़ा चौराहा में स्टॉप लाइन में हुए ई-चालान में 50 से अधिक ऐसे वाहन है. जिनके सिर्फ स्टॉप लाइन में तीन या तीन से अधिक बार चालान हो चुके है. कंप्यूटर में वाहन नंबर डालते ही वाहन के चालानों की लिस्ट सामने आ जाएगी. जिसके बाद ट्रैफिक विभाग इन वाहनों के चालकों का डीएल सस्पेंड करने के लिए ट्रैफिक विभाग आरटीओ को संस्तुति करेगा.

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2 चौराहों पर हो रहा ई-चालान

8 चौराहों पर कैमरों की मदद से हो रहा मैनुअल चालान

150 से अधिक प्रतिदिन रेड लाइन में हो रहे चालान

1500 से अधिक प्रतिदिन स्टाप लाइन में हो रहे चालान

3 लाख से अधिक डंप पड़े स्टाप लाइन के चालान

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'' ई-चालानों में ऐसे भी कुछ केस है. जिसमें एक ही वाहनों के कई बार चालान हो चुका है. डंप पड़े चालानों का प्रिंट निकलने के बाद इनकी अधिकृत संख्या सामने आ जाएगी. ''

सुशील कुमार, एसपी ट्रैफिक, कानपुर