क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: नगर निगम और नगर विकास विभाग की खींचतान के बीच कांटाटोली सर्विस लेन बर्बाद हो चुकी है. जब बरसात का पूरा मौसम गुजर चुका है तब नगर आयुक्त ने आदेश दे डाला है कि सर्विस लेन को पक्का करना होगा. हालांकि, इसके लिए फंड कहां से आएगा अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है. नगर विकास विभाग अपने हाथ खड़े कर रहा है तो नगर निगम भी आगे बढ़ने को तैयार नहीं है. फ्लाईओवर निर्माण करने वाली एजेंसी को कहा जा रहा है कि जल्द से जल्द पक्की सर्विस लेन तैयार की जाए. अब एजेंसी पसोपेश में है कि सर्विस लेन बनाने के लिए रुपए कौन विभाग देगा. हालांकि, मामले में आधिकारिक तौर पर कोई भी अधिकारी कुछ कहने को तैयार नहीं है.

रोड के नीचे जानी है पाइपलाइन

जुडको के अधिकारियों का कहना है कि इस सर्विस लेन के नीचे से पानी की पाइपलाइन गुजरने वाली है. ऐसे में यदि सर्विस लेन को पक्का किया जाएगा तो फिर 2 माह के बाद पूरी लेन को तोड़कर पाइप का काम करना होगा. यह दोहरा खर्च होगा जो सरकार पर पड़ेगा. विभाग का कहना है कि आनन-फानन में बरसात के मौसम में काम शुरू करवाना जल्दबाजी का निर्णय साबित हो रहा है.

दोनों विभागों में जिच बरकरार

दोनों ही विभाग सर्विस लेन के लिए फंड निर्गत करना नहीं चाह रहे, जिसके कारण उसपर होने वाले खर्च का रुपया कहां से आएगा, यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. जुडको के पास अतिरिक्त राशि नहीं है जिससे सर्विस लेन का अस्थायी निर्माण तक किया जा सके. वहीं नगर निगम भी अपने हाथ खड़े कर चुका है.

हेवी व्हीकल व बारिश से बर्बादी

कच्ची सड़क पर रोलिंग और मिट्टी भरावट के बावजूद सर्विस लेन की मरम्मत नहीं हो पा रही है. 15 फीट की सड़क भारी वाहनों और लगतार बारिश के कारण पूरी तरह धंस चुकी है. जुडको द्वारा प्रतिदिन रोलिंग और साफ-सफाई की जाती है लेकिन इससे समाधान नहीं निकल पा रहा.

पैदल चलना भी मुश्किल

सर्विस लेन से गुजरने वाले दोपहिया वाहनों और पैदल चलने वाले लोगों पर मुसीबत आन पड़ी है. कई बाइक बेकाबू होकर गिर रही हैं और लोगों का खास तौर पर महिलाओं का सर्विस लेन से पैदल गुजरना असंभव हो गया है.

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क्या कहती है पब्लिक

विभाग को हमलोग नहीं जानते, हमें तो बस पैदल चलने लायक सड़क चाहिए. यदि नगर निगम या नगर विकास दोनो ही विभाग मिलकर कोई विकल्प नहीं तलाश सकते, तो ऐसे में फ्लाईओवर का निर्माण बंद कर दें तो बेहतर होगा. आम लोगों को खासी परेशानी हो रही है.

मो. अरशद

इतने सारे इंजीनियर्स कार्य में जुटे हैं. क्या उन्हें पहले से पता नहीं था कि बारिश के मौसम में कच्ची सड़क को सर्विस लेन बनाने से काफी परेशानी होगी. इसके बावजूद इस तरह की व्यवस्था की गई. ऐसा था तो बरसात के मौसम के बाद ही फ्लाईओवर का काम लगाया जाता. लोगों को परेशान करने की क्या जरूरत थी.

नीतिश शर्मा