-परिजनों ने जाम लगाने की कोशिश की, फोर्स ने पहुंचकर संभाला मोर्चा

-परिजनों ने मुआवजे के साथ चौकी इंचार्ज पर कार्रवाई की मांग की

<-परिजनों ने जाम लगाने की कोशिश की, फोर्स ने पहुंचकर संभाला मोर्चा

-परिजनों ने मुआवजे के साथ चौकी इंचार्ज पर कार्रवाई की मांग की

BAREILLY: BAREILLY: चौपुला चौराहा पर शनिवार को कार की टक्कर से घायल कांवडि़ये की बुधवार सुबह मिशन हॉस्पिटल में मौत हो गई. कांवडि़ये की मौत से परिजन भड़क गए और हॉस्पिटल में हंगामा शुरू कर दिया. धीरे-धीरे सैकड़ों लोग हॉस्पिटल में इकट्ठा हो गए और हॉस्पिटल के बाहर हाइवे पर जाम लगाने की कोशिश की. हंगामा की सूचना पर पुलिस पहुंची लेकिन भीड़ ज्यादा देखकर भारी संख्या में फोर्स बुला ली गई. एडीएम सिटी ओपी वर्मा, एसपी सिटी अभिनंदन सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट गणेश प्रसाद व अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए. परिजनों की मांग थी कि परिवार को क्0 लाख रुपए और क्00 गज का प्लाट मुआवजे में दिया जाए और चौकी इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई की जाए. अधिकारियों ने शासन को रिपोर्ट भेजने का आश्वासन देकर परिजनों को शांत किया.

कार ने मारी थी टक्कर

बता दें कि शनिवार रात को तेज रफ्तार कार ने बदायूं रोड पर साइकिल सवार छात्र को टक्कर मार दी थी. उसके बाद कार सवार वहां से भाग निकला था. उसने फिर चौपुला पुल पर कांवडि़यों के जत्थे में टक्कर मारी थी. हादसे में संत नगर हवाई अड्डा निवासी ख्8 वर्षीय रोहित समेत फ् कांवडि़ये गंभीर रूप से घायल हो गए थे. एसएचओ सुभाषनगर ने तीनों को तुरंत डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल पहुंचाया था. लोगों ने कार सवार सुभाषनगर निवासी परमेश्वरी लाल को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था. हालत गंभीर होने पर परिजन रोहित को मिशन हॉस्पिटल इलाज के लिए ले गए थे. बुधवार सुबह रोहित की इलाज के दौरान मौत हो गई. जिसके बाद परिजन गुस्से में आ गए और हंगामा शुरू कर दिया.

किसी तरह से परिजनों को िकया शांत

रोहित के परिवार में पत्‍‌नी रीना, दो बच्चे दिव्यांश और आरब हैं. उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो रखा है. कई बार दादी बेहोश हो गई. हॉस्पिटल में हंगामे की सूचना पर तुरंत पुलिस एक्टिव हो गई, क्योंकि हॉस्पिटल में काफी संख्या में लोग मौजूद थे. एडीएम सिटी और एसपी सिटी ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद ही परिजन शांत हुए. पुलिस ने एंबुलेंस बुलाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया. पोस्टमार्टम हाउस में बीजेपी महानगर अध्यक्ष उमेश कठेरिया भी पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की.

फ्07 में दर्ज की थी एफआईआर

पुलिस ने कार भी जब्त कर दी थी और हत्या के प्रयास की धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी. पुलिस ने परमेश्वरी लाल को संडे को कोर्ट में पेश किया था लेकिन कोर्ट ने आईपीसी की धारा फ्07 में एफआईआर दर्ज करने पर पुलिस को फटकार लगाई थी. जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को थाने से जमानत दे दी थी. इससे परिजन पुलिस पर नाराज थे. परिजनों का आरोप था कि चौकी इंचार्ज ने आरोपी को जमानत देकर छोड़ दिया है, इसके लिए कार्रवाई की जाए. परिजन चौकी इंचार्ज को सस्पेंड करने की मांग कर रहे थे.