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VARANASI: सुबह होने के साथ ही भक्तों का कतार बढ़ता गया। दिन में एक बजे तक श्रद्धालुओं की लाइन एक तरफ छत्ताद्वार से मैदागिन और दूसरी तरफ बांसफाटक, गोदौलिया, चितरजंन पार्क से होती हुई लक्सा गुरुबाग तक लगी रही। मंदिर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शाम पांच बजे तक 1.75 लाख श्रद्धालु बाबा दरबार में हाजिरी लगा चुके थे। अभी भी भक्तों की कतार टूटी नहीं थी। रात 11 बजे मंदिर के कपाट बंद होने तक सवा दो लाख भक्तों का बाबा दरबार में मत्था टेकने का अनुमान है।

रास्ते की सारी थकान उतर गर्इ
पूरे दिन बाबा विश्वनाथ की नगरी बोल बम और हर-हर महादेव के उद्घोष से गूंजती रही। भोर में 3.50 बजे मंगला आरती के बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। हर तरफ केसरिया ही केसरिया नजर आया। मंदिर को जाने वाले सभी रास्तों पर बाबा के भक्त झूमते-गाते दिखायी दिये। कंधे पर गंगा जल से भरी लुटिया का कांवर लिये हर किसी के मन में बाबा के दर्शन की एक अपार उत्कंठा देखने को मिली। फिर जैसे ही बाबा के दर्शन हुए रास्ते की सारी थकान उतर गर्इ।

डाकबमों की संख्या सैकड़ों में
बाबा दरबार में सावन के दूसरे सोमवार को सैकड़ों की संख्या में डाकबमों ने भी बाबा का जलाभिषेक कर अपना संकल्प पूरा किया। डाकबमों के लिए पुलिस की ओर से विशेष व्यवस्था की गयी थी। कांवरिया शिविर के कार्यकर्ताओं ने डाकबमों के आगे आगे चल कर रास्ता खाली कराया और उनका संकल्प पूरा करने में उनकी मदद की। सामाजिक संस्थाओं ने भी श्रद्धालुओं की सेवा कर पुण्य लाभ कमाया। मारवाड़ी युवक संघ की ओर से बांसफाटक स्थित सत्यनारायण मंदिर पर शिविर लगाया गया। यहां पर हजारों भक्तों को चाय व फलाहार की व्यवस्था की गयी। संस्था के विजय मोदी, पवन कुमार अग्रवाल, संजय बूबना, उमाशंकर झुनझुनवाला, प्रभात खेतान, मनोज अग्रवाल आदि उपस्थित थे।

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