JAMSHEDPUR: रवींद्र भवन सभागार में 150 प्रशिक्षु कत्थक नृत्य कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति देकर चार दिवसीय विशेष कार्यशाला का समापन किया. कलाकारों के प्रस्तुति पर पूरा सभागार तालियों की तड़तड़ाहट से गूंज रहा था. चार दिवसीय कत्थक कार्यशाला कत्थक कौशल में विख्यात कत्थक नृत्य गुरु पंडित दीपक महाराज ने प्रशिक्षुओं को कत्थक के बारिकियों की जानकारी दी. कार्यशाला का समापन रविवार को रंगारंग कार्यक्रम के साथ हुआ. विशेष कार्यशाला में 150 नृत्य प्रशिक्षुओं ने कत्थक सम्राट पंडित दीपक महाराज से कत्थक की तकनीकी तालीम ली. समापन के मौके पर प्रशिक्षुओं ने कार्यशाला में सिखाए गए नृत्यों की प्रस्तुति दी. समापन समारोह में पंडित दीपक महाराज एवं नवमिता चौधरी ने शिव वंदना की प्रस्तुति दी. जिसमें दोनों कलाकारों ने अधरंग भस्म भभूत शोहे.. गीत पर अपनी नृत्य कुशलता का प्रदर्शन किया. इसके बाद वरीय समूह के प्रशिक्षुओं ने नृत्य कौशल का प्रदर्शन किया. इसमें भगवान शिव की अंगीकम, तराना एवं शुद्ध तीन ताल की प्रस्तुति दी गई. अ‌र्ध्य कनीय समूह के प्रशिक्षुओं ने कृष्णा वंदना, कस्तूरी तिलकम की प्रस्तुति दी. कनीय समूह और अ‌र्ध्य वरीय समूह के प्रशिक्षुओं ने भी अपनी प्रस्तुति दी. कार्यशाला में शास्त्रीय संगीत गायक नीलांजन मित्रा एवं सितार पर अनिरुद्ध सेन एवं तबले पर प्रांशु चतुरलाल एवं प्रदीप शील का सराहनीय संगत रहा. समारोह में मंच का संचालन उदय चंद्रवंशी ने किया. इस अवसर पर राकेश चौधरी, नवमिता चौधरी, प्रदीप शील एवं जमशेदपुर स्कूल ऑफ आर्ट का सराहनीय सहयोग रहा.

दीपक महाराज ने किया सम्मानित

कार्यशाला का आयोजन शास्त्रीय नृत्य को समर्पित शहर की संस्था कला उद्यान व जमशेदपुर स्कूल ऑफ आर्ट के तत्वावधान में अर्बन सर्विसेज, सीएसआर, टाटा स्टील एवं सेंटर फॉर एक्सीलेंस के सहयोग से किया गया था. समापन समारोह का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर किया. कार्यक्रम में अतिथि के रुप में मिथिलेश कुमार, जिरेन टोपनो और सौरभ चौधरी थे. मौके पर जमशेदपुर में कत्थक के प्रसार के लिए गीत तिवारी, शिखा शील और अनामिका घोष को पंडित दीपक महाराज ने सम्मानित किया.