- बाजारखाला पुलिस और क्राइम ब्रांच ने कैटरिंग कारोबारी के बेटे को सकुशल किया बरामद

- 18 जुलाई को कारोबारी के दोस्त ने ही किया था किडनैप, दो अरेस्ट

हरदोई से सकुशल बरामद कर लिया
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LUCKNOW : कैटरिंग करोबारी के बेटे को बीते बुधवार को उसके ही दोस्त ने किडनैप किया था. उसने बेटे को छोड़ने के एवज में फोन पर पांच लाख की फिरौती भी मांग और न देने की सूरत में बेटे के टुकड़े टुकड़े करने की धमकी भी दी थी. जिसकी शिकायत पिता ने बाजारखाला पुलिस से की. जिसके बाद हरकत में आई क्राइम ब्रांच और बाजारखाला पुलिस ने कारोबारी के दोस्त और उसके एक साथी को गुरुवार देररात अरेस्ट कर बेटे को हरदोई से सकुशल बरामद कर लिया.

18 जुलाई से गायब था
एसपी पश्चिम विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि बाजारखाला मिल रोड करेहटा इलाके में कैटरिंग कारोबारी राज कुमार राठौर का बेटा रवि (19) ग्रेजुएशन करने के साथ ही पिता के काम में हाथ बंटाता है. 18 जुलाई को रवि घर से बाइक लेकर निकला था और तब से वह रहस्यमय हालत में गायब था. रवि का मोबाइल भी बंद था. काफी पता करने के बाद जब बेटे की कोई खबर नहीं मिली तो पिता राज कुमार ने बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट बाजारखाला कोतवाली में दर्ज करा दी.

मांगी 5 लाख की फिरौती
पुलिस ने बताया कि 18 जुलाई की शाम कारोबारी राज कुमार के पास एक अनजान नंबर से कॉल आई. कॉल करने वाले ने उनके बेटे रवि के अपहरण की बात कहते हुए उनसे फिरौती के लिए पांच लाख रुपये की डिमांड की और नहीं देने की सूरत में बेटे के टुकड़े टुकड़े करने की धमकी भी दी. सदमे में आये कारोबारी ने इसकी जानकारी बाजारखाला पुलिस को दी. इसके बाद अपहृत रवि की तलाश में पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम को लगाया गया.

चोरी के सिमकार्ड की कॉल
पुलिस ने फिरौती मांगने के लिए प्रयोग किए गए सिमकार्ड के बारे में छानबीन शुरू की. पड़ताल में पता चला कि सिमकार्ड चोरी का है. मोबाइल और सिमकार्ड चोरी के संबंध में बाजारखाला पुलिस से पहले ही शिकायत की जा चुकी थी. इसके बाद पुलिस ने जब चोरी के सिमकार्ड के लिए प्रयोग होने वाले मोबाइल फोन का आईएमईआई नंबर चेक किया तो नंबर बाजारखाला के करेहटा निवासी राजकुमार गौतम का मिला.

सीडीआर से खुलते गये राज
पुलिस ने जब रवि और राजकुमार के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगाली तो पुलिस को यकीन हो गया कि रवि के अपहरण के पीछे राजकुमार गौतम का हाथ है. एसपी पश्चिम ने बताया कि सर्विलांस की मदद से ही पुलिस गुरुवार की शाम आरोपी राजकुमार गौतम के घर पहुंची. उसके घर के बाहर अपहृत रवि की बाइक खड़ी मिली. जिसके बाद पुलिस ने घर से राजकुमार को अरेस्ट कर लिया. उसकी निशानेदही पर क्राइम ब्रांच और पुलिस की टीम ने हरदोई से राजकुमार के रिश्तेदार अनिल को गिरफ्तार कर रवि को सकुशल बरामद कर लिया.

राजकुमार ने रची थी पूरी साजिश
इंस्पेक्टर बाजारखाला सुजीत दुबे ने बताया कि घटना का मुख्य आरोपी राजकुमार गौतम है. उसने पूछताछ में बताया कि 18 जुलाई को रवि को बहाने से अपने रिश्तेदार अनिल के घर हरदोई बुलाकर ले गया था. इसके बाद आरोपी ने रवि को खाना में नशीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया. इसके बाद रवि सो गया. वहीं आरोपी राजकुमार गौतम और उसका रिश्तेदार अनिल रवि की बाइक व मोबाइल फोन लेकर अपने साथ लखनऊ वापस आ गए. लखनऊ लौटते समय आरोपियों ने रास्ते से ही रवि के पिता को फोन कर फिरौती की रकम मांगी थी.

बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट
एसपी पश्चिम विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी राजकुमार गौतम के घर से पुलिस ने एक अपाचे बाइक भी बरामद की. बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगी था. पुलिस ने जब पूछताछ की. आरोपी राजकुमार ने बताया कि बाइक एक माह पहले चोरी हुई थी. बाइक भी अपहृत रवि के ताऊ के लड़के विजय की थी. बाइक चोरी करने के बाद राजकुमार ने विजय को फोन कर बाइक वापस करने के नाम पर 10 हजार रुपये की मांग भी की थी. विजय ने इस संबंध में बाजारखाला थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई थी.

कमाई का शॉर्टकट पर पड़ा भारी
इंस्पेक्टर सुजीत दुबे ने बताया कि आरोपी पेशेवर अपराधी नहीं है. शॉर्टकट में रुपये कमाने की चाह में आरोपी राजकुमार ने बाइक, मोबाइल फोन चोरी कर रुपये कमाने का प्लान बनाया था. जब उसको रुपये नहीं मिले तो उसने अपने ही साथी के साथ रवि के अपहरण की साजिश रच डाली.

झांसे में लेकर किया किडनैप
रवि ने बताया कि पापा के दोस्त राजकुमार ने उसे नौकरी दिलाने का झांसा देकर ले गया था. राजकुमार ने कहा था कि वह अपने पापा के बिजनेस के अलावा खुद मोटा पैसा कमा सकता है. अपने पैरों में खड़े होने की ललक के चलते रवि उसने झांसे में आ गया. 18 जुलाई को हरदोई पहुंचने पर उसका मोबाइल फोन और बाइक यह कहकर राजकुमार ने ले लिया था कि वह एक पार्सल पहुंचाने जा रहा है. 24 घंटे बीतने के बाद उसे अपने अपहरण होने की जानकारी हुई.