दीपावली के बाद चलेगा 10 साल पुराने डीजल वाहनों की धरपकड़ का अभियान

सरकारी विभागों में संचालित होने वाले 10 साल पुराने डीजल वाहनों पर भी कसेगा शिकंजा

Meerut. सर्दियों की शुरुआत के साथ ही फॉग से अधिक स्मॉग का बढ़ता स्तर लोगों के साथ-साथ सरकारी विभागों की परेशानी का सबब बनता जा रहा है. एनजीटी और प्रदेश सरकार के आदेश के बाद अब परिवहन विभाग 10 साल पुराने डीजल वाहनों पर सख्त कारवाई करने की योजना बना रहा है. इस योजना के तहत सड़कों पर दौड़ रहे 10 साल पुराने डीजल वाहनों को सीज कर नष्ट किया जाएगा.

सड़कों से हटेंगे पुराने वाहन

आरटीओ के रिकार्ड के अनुसार शहर की सड़कों पर करीब 40 हजार से अधिक डीजल वाहन ऑन रिकार्ड अपनी आयु पूरी कर चुके हैं लेकिन इनमें से अधिकतर ने न तो वाहन का संचालन बंद किया है और न ही वाहनों को सरेंडर किया है. ऐसे में विभाग इन वाहनों की सूची को तलब कर इनकी तत्काल स्थिति के अनुसार जांच करेगा. इसके लिए वाहन मालिकों से संपर्क कर वाहन की रिपोर्ट ली जाएगी.

दीपावली के बाद अभियान

इस योजना के तहत दीपावली के बाद आरटीओ विभाग द्वारा प्रवर्तन दल की टीम गठित कर 10 साल पुराने डीजल वाहनों की चेकिंग का अभियान शुरू किया जाएगा. इस अभियान में वाहनों की हालत के अनुसार उन पर एक्शन होगा, जिसमें अनफिट वाहनों को भी संचालन से रोका जाएगा.

सरकारी वाहन रडार पर

आरटीओ विभाग इस बार सरकारी विभागों में संचालित होने वाले 10 साल पुराने डीजल वाहनों पर भी शिकंजा कसेगा. विभाग के अनुसार नगर निगम, आवास-विकास, एमडीए, ऊर्जा विभाग, सिचांई और स्वास्थ्य विभाग में भी दर्जनों ऐसे वाहनों का प्रयोग किया जा रहा है, जो 10 साल से ज्यादा पुराने हैं.

एनजीटी के आदेशानुसार पहले से ही 10 साल पुराने वाहनों का संचालन एनसीआर में बैन है. लगातार अभियान जारी है, अब दोबारा सख्ताई के साथ अभियान चलाया जाएगा.

ओपी सिंह, आरटीओ प्रवर्तन