- पुलिस ने एक हत्यारोपी को किया गिरफ्तार

- गाड़ी खड़ी करने को लेकर हुआ था विवाद

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LUCKNOW :

पारा इलाके में रहने वाले एक एलआईसी एजेंट के मामूली कहासुनी में पड़ोसी दबंग और उसके लोगों ने लोहे की राड से पीट पीट कर मौत के घाट उतार दिया. चीख पुकार सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और घायल एलआईसी एजेंट को अस्पताल लेकर पहुंचे. जहां डाक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया. इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया हैं.

गाड़ी खड़ी करने के लिए हुआ था विवाद

एसपी पूर्वी सर्वेश मिश्र ने बताया कि पारा के जालालपुर रेलवे क्रासिंग के पास एलआईसी एजेंट अशोक पाठक (43) अपने परिवार संग रहता था. उसके ही पड़ोस में रोडवेज का ड्राइवर श्रीपाल यादव भी रहता है. सोमवार की रात घर के सामने गाड़ी खड़ी करने को लेकर अशोक का श्रीपाल से विवाद हो गया. विवाद काफी बढ़ गया और दबंग श्रीपाल और उसके साथियों ने मिलकर अकेले अशोक पाठक पर लोहे की राड से सिर पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए. सिर पर लगी गंभीर चोट की वजह से अशोक खून से लथपथ होकर वहीं गिर पड़ा. चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग और अशोक के परिवार के लोग मदद के लिए दौड़ पड़े. आरोपी श्रीपाल यादव और उसके साथी मौके से भाग निकले. परिवार के लोग घायल अशोक को इलाज के लिए रानी लक्ष्मी बाई अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डाक्टरों ने अशोक को मृत घोषित कर दिया.

हत्या की सूचना मिलते ही मौके पर इंस्पेक्टर पारा अखिलेश पांडेय, सीओ आलमबाग संजीव सिन्हा और एसपी पूर्वी भी पहुंच गए. छानबीन के बाद पुलिस ने अशोक पाठक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी श्रीपाल यादव को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है. एसपी पूर्वी ने बताया कि परिवार के लोग जो भी तहरीर देंगे उस आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी.

अक्सर दबंगई करता रहता था श्रीपाल

मृतक अशोक पाठक के परिवार के लोगों का कहना है श्रीपाल यादव दबंग किस्म का है. वह पहले भी कई बार बिना किसी बात को लेकर उन लोगो से झगड़ा कर चुका है. श्रीपाल की हरकतों से मोहल्ले के कुछ लोग भी परेशान रहते है. अशोक और श्रीपाल के बीच पहले भी आपसी विवाद हो चुका है. वहीं सोमवार की रात हुई इस घटना से इलाके के लोग भी डरे सहमे हैं.

मौत से परिवार में मचा कोहराम

एलआईसी एजेंट अशोक पाठक की हत्या से परिवार में कोहराम मच गया है. अशोक के पिता बिजली विभाग से सेवानिवृत्त थे. वह लोग मूल रूप से आजमगढ़ जनपद के रहने वाले हैं. अशोक के परिवार में मां, तीन भाई, पत्नी और दो साल की बेटी है. अशोक की मौत से पूरे परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है.