इंसानियत भूल गए 'हम'..

इंसानियत की 'मौत'

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-मदद के लिए चिल्लाता रहा युवक, दर्जनों लोग सिर्फ देखते रहे तमाशा, नहीं आया कोई आगे

- तड़प-तड़प कर तोड़ा दम, पुलिस नहीं पहुंची समय पर, रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश

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KANPUR: जिंदादिल लोगों का शहर..मेहनत मशक्कत वालों का शहर..कभी न सोने वाला शहर..हिम्मत वालों का शहर..ऐसे ही ना जाने कितने नामों से कानपुर ने देश और दुनिया में अपनी पहचान बनाई है..लेकिन शायद कानपुर को किसी की नजर लग गई है..लोगों में इंसानियत मरती जा रही है..वो खुदगर्ज हो रहे हैं..उन्हें दूसरों के दुख दर्द का अहसास तक नहीं होता..निजी स्वार्थो की भागदौड़ ने ने उन्हें इतना बुजदिल बना दिया है कि आंखों के सामने वो किसी की सांसें टूटते हुए भी सिर्फ देखते रहते हैं..बदमाश सरेराह कत्ले आम कर देते हैं और लोग सिर्फ तमाशा देखते हैं. गुरुवार रेलबाजार में भरेबाजार जो हुआ वो इन्हीं हालात की ओर इशारा करते हैं. दिनदहाड़े आपसी रंजिश में एक युवक को पीटने के बाद धारदार हथियार से हत्या कर दी गई. युवक मदद के लिए चिल्लाता रहा लेकिन वहां मौजूद दर्जनों लोग तमाशा देखने के सिवाए कुछ नहीं कर सके..आखिरकार युवक ने तड़प-तड़प कर जान दे दी.

घात लगाए बैठे थे

रेलबाजार कुम्हार मंडी निवासी रोहित (22) हमराज कॉम्पलेक्स में कपड़े की दुकान में सिलाई कारीगर था. परिवार में पिता शिव कुमार, मां लीला और दो बहन प्रियंका व ज्योति है. कुम्हार मंडी में रोहित का ननिहाल था. आरोप है कि रोहित की मां लीला ने इलाकाई निवासी राहुल गौतम की बहन की शादी कराई थी. राहुल की बहन ससुराल में खुश नहीं थी. उसे वहां प्रताडि़त किया जाता था. जिसके लिए राहुल लीला और उसके परिजनों को जिम्मेदार मानता था. इसे लेकर रोहित और राहुल के परिवार में रंजिश चलती थी. बुधवार सुबह रोहित नित्य क्रिया के लिए सुलभ शौचालय गया था. वहां पर पहले से राहुल और उसके साथी मौजूद थे. उन लोगों ने रोहित को देखते ही हमला बोल दिया.

हथियार देख नहीं हुई हिम्मत

राहुल और उसके साथियों ने रोहित को बुरी पीटना शुरू कर दिया. सभी आरोपी धारदार हथियार से लैस थे. उन लोगों ने रोहित को पीटने के बाद धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार करना शुरू कर दिया. और मरणासन कर मौके से फरार हो गए. जब यह वारदात हुई तो वहां दर्जनों लोग मौजूद थे. रोहित मदद के लिए चिल्लाता रहा..लेकिन हथियारों से लैस आरोपियों को रोकने की हिम्मत कोई नहीं जुटा सका. ना ही समय रहते किसी ने पुलिस को सूचना दी. हमलावरों के जाने के बाद इलाकाई लोग रोहित को लहूलुहान हालत में हॉस्पिटल ले गए. जहां डॉक्टर्स ने उसको मृत घोषित कर दिया गया. पुलिस ने प्रत्यक्षदर्शियों से आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश शुरू कर दी. रोहित के परिजनों ने राहुल और उसके साथी महेंद्र, जितेंद्र, छोटू, हरि व पुत्तन पर आरोप लगाया है. इंस्पेक्टर मनोज रघुवंशी का कहना है कि परिजनों के तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई. जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर ि1लया जाएगा.

बदहवास मां शव लेने नहीं पहुंची

एकलौते बेटे की मौत से लीला इतनी बदहवास हो गई कि वह पोस्टमार्टम में बेटे का शव लेने नहीं पहुंची. उसको बेटे की मौत का विश्वास ही नहीं हो रहा था. उसकी हालत को देखकर बड़ी बेटी भी उनके पास रुक गई. सिर्फ छोटी बेटी ही पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंची थी. देर शाम तक जब मां पोस्टमार्टम नहीं पहुंची तो पुलिस को उसको लेने के लिए घर भेजा गया. इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया.

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परिजनों की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई. जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा. वारदात के समय मौजूद लोगों से भी हमलावरों के बारे में पूछताछ की जा रही है.

मनोज रघुवंशी, इंस्पेक्टर