JAMSHEDPUR: गोलमुरी रिफ्यूजी कॉलोनी निवासी सह गोलमुरी बाजार स्थित डिलक्स इलेक्ट्रानिक्स के मालिक किरण तिलवाणी हत्याकांड में एडीजे-4 की अदालत ने बुधवार को विनोद खत्री, मंटू अग्रवाल तथा मनीश अग्रवाल को उम्र कैद की सजा सुनाई है. इसके साथ ही तीनों को 20-20 हजार रुपये जुर्माना लगाया है. अदालत ने सभी तीनों अभियुक्तों को चार मई को दोषी करार दिया था.


20-20 हजार जुर्माना

अदालत ने 60 पन्नों के जजमेंट में विनोद खत्री व मंटू अग्रवाल को आइपीसी की धारा 302/34/120 बी में दोषी पाते हुए उम्रकैद समेत 20-20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है. इसके अलावा 27 आ‌र्म्स एक्ट में सात वर्ष की कैद तथा पांच हजार रुपये जुर्माना, यदि जुर्माना नहीं दिया तो तीन माह की सजा सुनाई. इसके अलावा तीसरे आरोपित मनीष अग्रवाल को 120 बी में दोषी मानते हुए उम्र कैद समेत 20 हजार रुपये का जुर्माना और जुर्माना नहीं देने पर छह माह कैद की सजा सुनाई. फिलहाल विनोद खत्री दुमका जेल में बंद है. इस मामले में कुल 19 लोगों की गवाही हुई. अदालत में फैसला सुनाने के समय कई लोग अदालत में मौजूद थे.


2010 में हुई थी हत्या

10 दिसंबर 2010 को रिफ्यूजी कॉलोनी घर के पास किरण तिलवाणी को रात 10 बजे मोटरसाइकिल पर सवार तीन अपराधियों ने तीन गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था. आनन फानन में स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए हवाई जहाज से दिल्ली भेजा गया था. वहां इलाज के क्रम में 22 दिसंबर 2010 को उसकी मौत हो गयी. फाय¨रग मामले में किरण तिलवाणी के भाई हरिश तिलवाणी के बयान पर मामला दर्ज कराया गया था. किरण तिलवाणी की मौत के बाद पुलिस ने बाद में हत्या की धारा जोड़कर मामले की जांच की थी.