40 सदस्यों की लिस्ट मिली है पुलिस को

3 सदस्यों को पुलिस मुठभेड़ के बाद कर चुकी है गिरफ्तार

बाहरी क्षेत्रों में पुलिस ने बढ़ाई गश्त

Meerut. संभल के छैमार गिरोह ने मेरठ में दस्तक दे दी है. सूत्रों के मुताबिक इस गिरोह के 40 सदस्य मेरठ में आउटर एरिया में रह रहे हैं, बीते बुधवार को पुलिस ने छैमार गिरोह के 3 सदस्यों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया. छैमार गिरोह की बढ़ती गतिविधि पर पुलिस ने गाइडलाइन जारी की है. इस गिरोह से निपटने के लिए पुलिस ने रात में गश्त बढ़ा दी है. सीओ व इंस्पेक्टर समेत पीएसी भी गश्त कर रही है.

इन बातों का रखें ध्यान

घरों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाएं.

अनजान लोगों को देखकर दरवाजा न खोले.

आउटर क्षेत्र के निवासी मोहल्ले में चौकीदार रखे.

घर के दरवाजे खोलकर न सोए. चूंकि यह खुले घर को ज्यादा निशाना बनाते है.

संदिग्ध परिस्थितियों में 100 नंबर पर जरूर फोन करें

घरों में सिक्योरिटी अलार्म भी लगाएं.

दिन में भी गली मोहल्लों में अनजान लोगों की एंट्री न होने दें

बिना जान पहचान के मजदूर व अन्य कारीगर घर पर न लाएं.

बाहरी क्षेत्रों में गतिविधि

एसपी देहात राजेश कुमार के मुताबिक ये गिरोह शहर या देहात के आउटर एरिया को चुनता है. इसके बाद यह दिनभर उस एरिया की रेकी करते हैं. जिस घर के मुख्य दरवाजे कमजोर या खुले रहते हैं उसे चिन्हित कर लेते हैं. रात को वे उसी घर को निशाना बनाते है.

डेंजर जोन पर नजर

पुलिस के मुताबिक इस गिरोह के सदस्य इंचौली, किठौर, परीक्षितगढ़, जानी आदि बाहरी क्षेत्रों में छिपे रहते हैं. इसके अलावा मोदीपुरम, गंगा नगर, शताब्दी नगर, पल्लवपुरम का आउटर एरिया जहां बसावट नहीं है. पुलिस ने उसे डेंजर जोन में रखा है.

महिलाएं भी शामिल

खास बात है कि गिरोह में महिलाएं भी शामिल रहती हैं.

वे घर के बाहर खड़ी होकर रेकी करती हैं, आहट होने पर गिरोह के सदस्यों को सचेत करती हैं.

इस गिरोह के सदस्य कोई भी हथियार नहीं रखते है.

ये लाठी डंडों से परिवार के लोगों को अधमरा कर देते हैं.

इस गिरोह के सभी सदस्य यूपी के संभल जिले के निवासी हैं.

इन दिनों इनकी गतिविधि वेस्ट यूपी में बढ़ गई है.

एसपी देहात के मुताबिक मेरठ में बावरिया गिरोह, लाल कच्छादारी गिरोह भी सक्रिय है.

बीती 13 अप्रैल को किठौर में एक घर में डकैती डाली थी, जिसमें दो महिलाएं घायल हो गई थीं.

छैमार गिरोह से बचने के लिए अलर्ट जारी कर दिया है. चूंकि छैमार गिरोह के अभी काफी सदस्य फरार है. इसलिए वह कभी भी घटना को अंजाम दे सकते है.

राजेश कुमार, एसपी देहात