कम से कम एक साल बाद हुआ मुनाफा कहलाएगा लांग टर्म कैपिटल गेन (एलटीसीजी)
लांग टर्म कैपिटल गेन की श्रेणी में वह मुनाफा आएगा जो शेयर या म्‍यूचुअल फंड में निवेश के बाद कम से कम एक वर्ष बाद प्राप्‍त हुआ हो। मुनाफे की वह रकम भी कम से कम एक लाख रुपये से ऊपर होनी चाहिए। एलटीसीजी निवेश की अवधि में नहीं शेयर या म्‍यूचुअल फंड की यूनिट बेचे जाने के बाद प्राप्‍त मुनाफे पर लगाई जाएगी। निवेश की गई मूल राशि को घटाने के बाद जो रिटर्न प्राप्‍त होगा वह मुनाफा होगा। यदि वह एक लाख रुपये से अधिक है तो उस पर 10 प्रतिशत एलटीसीजी टैक्‍स देय होगा।

म्‍यूचुअल फंड में एसआईपी के एक उदाहरण से ऐसे समझें कितना होगा लाभ या नुकसान
एसआईपी द्वारा प्रति माह निवेश की रकम    5000 रुपये
निवेश की अवधि    10 वर्ष
अनुमानित वार्षिक रिटर्न की दर    15 प्रतिशत

10 साल बाद
कुल प्राप्‍त रकम    13.9 लाख रुपये
कुल निवेश की गई रकम    6 लाख रुपये
मुनाफे की रकम या लांग टर्म कैपिटल गेन    7.9 लाख रुपये
लांग टर्म कैपिटल गेन टैक्‍स    79 हजार रुपये

लंबी अवधि पर नहीं पड़ेगा कोई खास फर्क
एलटीसीजी लगने के बाद आपके मुनाफे की रकम 7.11 लाख रुपये बैठती है। यानी यह टैक्‍स न लगता तो 10 साल बाद आपको 79 हजार रुपये ज्‍यादा मिलता। जानकार मानते हैं कि 10 साल बाद प्राप्‍त होने वाले रिटर्न के मुकाबले इतनी रकम कोई बहुत ज्‍यादा मायने नहीं रखती क्‍योंकि लंबी अवधि में जोखिम कम होता है और निवेशकों का अनुमानित लाभ कहीं ज्‍यादा होता है। जानकारों का कहना है कि इससे लंबी अवधि के दौरान कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। एक तरह से देखा जाए तो सरकार ने निवेशकों के मुनाफे पर टैक्‍स लगाकर उनकी सोशल रिस्‍पांसिबिलिटी तय कर दी है।

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